छठे वेतन अयोग में लिपिक वर्ग को वेतनमान में विसंगति को लेकर उपायुक्त ऊना राघव शर्मा को मिलते हुए।
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ऊना। लिपिक कर्मचारी वर्ग ने छठे वेतन आयोग में विसंगतियों का आरोप लगाया है। इस सिलसिले में जिला लिपिक कर्मचारी वर्ग ने जिला उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम एक मांगपत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने कहा है कि छठे वेतन आयोग में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं। इस वजह से कई कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लिपिक कर्मचारी वर्ग से राकेश कुमार, गगनदीप सिंह, राधा शर्मा और तृप्ता कुमारी ने बताया कि छठे वेतन आयोग से 2019 में नियमित हुए लिपिकों और 2020 में नियमित हुए लिपिकों के वेतनमान में भारी अंतर पैदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि 2019 में नियमित लिपिकों का वेतनमान दो साल में साढ़े 30 हजार तक पहुंच जाएगा। वहीं जो लिपिक 2020 में नियमित हुए हैं, उनके लिए ऐसा प्रावधान नहीं है। उनके लिए केवल 20 हजार 800 का वेतनमान तय किया गया है।
ऐसे में उन्हें 10 हजार का नुकसान हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। इस मौके पर लिपिक वर्ग से अमित शर्मा, यशविंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, विशाल सूदल, सुभाष शर्मा, होशियार सिंह, मनु ठाकुर, अनुराधा सैनी, बबीता कुमारी, अशोक कुमार, श्यामपाल शर्मा, आदित्य, पवन डोगरा, अंकुश व मनीष उपस्थित रहे।