स्वास्थ्य विभाग का नई संस्था के साथ हुआ करार, उत्तराखंड की हंस संस्था संभालेगी जिम्मा
वर्तमान में सामान्य रोगियों को देने पड़ते हैं 1528 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में अप्रैल के पहले सप्ताह के बाद किडनी रोगियों के नि:शुल्क डायलिसिस हुआ करेंगे। उत्तराखंड की संस्था के साथ इसके लिए प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के साथ करार हुआ है। हंस फाउंडेशन अगले माह से ऊना के डायलिसिस यूनिट में अपना कार्यभार संभालेगी। वर्तमान में यहां डीसीडीसी कंपनी डायलिसिस करने का जिम्मा संभाल रही है। करीब छह वर्ष सेवाओं के बाद अब डीसीडीसी कंपनी का स्वास्थ्य विभाग के साथ अनुबंध समाप्त हुआ है। इस कंपनी की ओर से सामान्य श्रेणी के किडनी रोगियों से 1528 रुपये प्रति डायलिसिस तो आयुष्मान एवं हिम केयर आदि पात्रों के लिए नि:शुल्क सुविधा दी जाती थी, लेकिन आने वाले दिनों में हंस फाउंडेशन यह सुविधा बिलकुल नि:शुल्क देगी।
इसके लिए विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। नई संस्था के साथ इस कार्य के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रियता से आगे बढ़ रहा है। बता दें कि डीसीडीसी कंपनी के पास वर्तमान में प्रतिदिन करीब 22 किडनी रोगी अपना डायलिसिस करवा रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या भी करीब 70 के आसपास है। इनमें से सामान्य श्रेणी के मरीजों को यहां 1528 रुपये डायलिसिस के लिए अदा करने पड़ते हैं। दूसरी ओर हिम केयर कार्डधारकों एवं आयुष्मान कार्डधारकों की डायलिसिस शुल्क संबंधित एजेंसियों से आता रहा है, लेकिन अप्रैल माह के पहले सप्ताह के बाद शुल्क देने का झंझट सामान्य रोगियों के लिए भी समाप्त होगा। सभी किडनी रोगियों को एक समान रूप से निशुल्क डायलिसिस की सुविधा यहां ऊना अस्पताल में उपलब्ध होगी।
इन जिलों के रोगी लेते हैं डायलिसिस का लाभ
ऊना अस्पताल में ऊना सहित बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर सहित अन्य जिलों के किडनी रोग से पीड़ित मरीज डायलिसिस करवाने पहुंच रहे हैं। उपरोक्त जिलों के कई गांव जिला ऊना से सटे हैं। डीसीडीसी कंपनी ने रोगियों के डायलिसिस के लिए कंपनी की ओर से डॉ. अर्जुन की देखरेख में तीन शिफ्टों में डायलिसिस किया जा रहा है, जबकि इसके लिए 10 मशीनों का संचालन किया जा रहा है।
अप्रैल माह के पहले सप्ताह के बाद हंस फाउंडेशन किडनी रोगियों की डायलिसिस नि:शुल्क रूप से करेगी। फिलहाल इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरा खाका तैयार कर रहा है। बेहतर प्रबंधन करने के बाद ही पूरी चीजों को स्पष्ट किया जा सकता है।
-डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ऊना