ऊना अस्पताल में बाथू के उद्योग में हुए धमाके में घायलों को उपचार के लिए लेकर आते हुए।संवाद
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ऊना। स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल ऊना। समय : 11:18 बजे। अस्पताल में मरीज आम दिनों की तरह इलाज और रूटीन जांच के लिए पहुंच रहे हैं। अचानक अस्पताल का सारा स्टाफ अलर्ट हो गया। अस्पताल में दाखिल होने वाले रास्ते को पुलिसकर्मियों ने खाली करा दिया। आसपास लगी गाड़ियों को भी वहां से हटा दिया गया।
पांच मिनट बाद एक एंबुलेंस तेज सायरन के साथ अस्पताल में दाखिल हुई। इस एंबुलेंस में बाथू पटाखा फैक्ट्री हादसे के शिकार तीन जख्मी लोग हैं। दो युवकों की हालत तो कुछ ठीक नजर आ रही है लेकिन एक महिला गंभीर रूप से जख्मी है। अभी इन तीन मरीजों को आपातकालीन कक्ष में भेजा ही गया कि एक और एंबुलेंस अस्पताल में आ पहुंची। इसमें भी तीन घायल लोग हैं जिनमें से दो बुरी तरह झुलस चुके हैं और एक मरीज खुद चलकर आपातकालीन वार्ड में पहुंच गया। इसी बीच, आपातकालीन वार्ड पूरी तरह भरा दिखा। आननफानन में मरीजों को अस्पताल के साथ लंगर लगाए जाने वाली जगह में शिफ्ट किया जा रहा है। यह एक खुली जगह है और इसके ऊपर शेड बनी हुई है।
समय : 11:40 बजे। अस्पताल में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी तक 10 मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं। कुछ घायल आपातकालीन वार्ड में हैं और कुछ का इलाज लंगर लगाने वाले स्थान पर ही चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मंजू बहल खुद मौके पर मौजूद हैं और मरीजों के इलाज के लिए स्टाफ को निर्देश दे रही हैं। दर्दनाक पीड़ा से निकल रही मरीजों की चीख से अस्पताल गूंज रहा है।
इसी दौरान विभिन्न बीमारियों को लेकर उपचार के लिए आए अन्य लोग हादसे के घायलों की हालत देखकर सन्न रह गए। अस्पताल में हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि यह दर्दनाक हादसा कैसे हो गया। इस हादसे में घायल हुई मुस्कान को एक लोहे की बेंच पर ही लेटाकर उपचार दिया जा रहा है। 18 साल की इस लड़की ने बताया कि आम दिनों की तरह ही काम पर पहुंचे थे। अचानक आग लग गई। सब कुछ जल गया।
समय : 12:00 बजे। अस्पताल में गंभीर घायलों को पीजीआई रेफर किया जा रहा है, लेकिन एंबुलेंस व्यवस्था काफी लचर नजर आई। गंभीर घायलों को एंबुलेंस में डालकर चालक रेफर की पर्ची बनवाने चले गए। आग से बुरी तरह झुलसे मरीज तीखी धूप के बीच एंबुलेंस में कराह रहे हैं। परिवार वाले जल्दी पीजीआई चलने की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन एंबुलेंस वालों का अतापता नहीं है। करीब 20 मिनट बाद एंबुलेंस वालों के हाथ रेफर पर्ची पहुंची और उन्हें पीजीआई के लिए रवाना किया जा सका।