जून के महीने में 60 मेगावाट की बिजली की अधिक हो रही खपत
पानी का पैरामीटर भी जून में 62 फीसदी के स्तर पर पहुंचा
जसवीर ठाकुर
ऊना। जिले में प्रचंड गर्मी से बिजली की खपत बढ़ गई है। अघोषित बिजली कट लग रहे हैं। इससे पेयजल योजनाओं की सप्लाई प्रभावित हुई है। पहाड़ी क्षेत्र चिंतपूर्णी और बंगाणा की पेयजल योजनाओं पर प्रचंड गर्मी का असर देखने को मिला है। जिले में पिछले साल 56 फीसदी पानी का पैरामीटर जून महीने में था, जो वर्तमान में 62 फीसदी तक है। सामान्य तौर पर 70 फीसदी पैरामीटर सिर्फ जून में आंका जाता है। पानी की किल्लत नहीं है पर बिजली कटों से परेशानी हो रही है।
दूसरी ओर जिलाभर में बिजली की खपत ज्यादा होने लगी है। सामान्य तौर पर 210 मेगावाट बिजली की खपत जिले में होती है। जून की प्रचंड गर्मी में बिजली की खपत 270 मेगावाट तक पहुंच गई है। 60 मेगावाट की खपत बढ़ी है। जिला ऊना में बिजली बोर्ड के पास 351 मेगावाट के इंस्टॉलेशन की पर्याप्तता है।
जिले में वर्तमान में 226 पेयजल योजनाओं के माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को नियमित तौर पर पेयजल की आपूर्ति जलशक्ति विभाग अपने अधिकारियों, कर्मचारियों और फील्ड स्टाफ के माध्यम से करवाता आ रहा है। वहीं, 598 सिंचाई योजनाएं भी जिले में संचालित की जा रही हैं। विभाग का मानना है कि पानी का जलस्तर जिला ऊना में समतल एरिया में सामान्य तौर पर सुरक्षित जोन में है। कहीं पर भी किसी प्रकार की कोई पानी की किल्लत नहीं है। इतना जरूर है कि प्रचंड गर्मी के बीच में बिजली दिन में कई बार प्रभावित होने से पेयजल की स्कीम पर इसका सीधे तौर पर असर पड़ रहा है। बाक्स
जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर नरेश धीमान के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या प्रचंड गर्मी में देखने को मिली है। ऊपर से बिजली के बार-बार दिन में लग रहे कट से भी पेयजल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। फिलहाल समतल एरिया में पेयजल सुरक्षित जोन में आंका गया है। उपभोक्ताओं को नियमित तौर पर पेयजल की सप्लाई देने के लिए विभाग प्रयासरत है।
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बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर दर्शन सिंह के अनुसार जिले में सवा दो लाख के करीब उपभोक्ता हैं। इन्हें बिजली बोर्ड की ओर से नियमित तौर पर बिजली की सप्लाई की जा रही है। फील्ड से किसी भी प्रकार के ओवरलोडिंग की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की वर्तमान में कोई भी सूचना नहीं है।