जोल (ऊना)। जिले के एक उद्योग को बिजली बोर्ड ने गलत बिल थमा दिया। बिल में साढ़े पांच लाख रुपये की राशि देख संचालक के होश उड़ गए। उद्योग प्रबंधन ने विद्युत बोर्ड से आपत्ति जताई तो कई बहाने बनाकर उसकी बात अनसुनी कर दी गई। मामले को उपभोक्ता फोरम में ले जाने की चेतावनी देने पर विद्युत बोर्ड अचानक हरकत में आ गया।
बोर्ड अधिकारियों ने आननफानन में बिजली का बिल कम कर दिया। संशोधित बिल में 5 लाख 46 हजार रुपये की बिल राशि को 1,46,000 रुपये किया गया है। बोर्ड ने संशोधित बिल तत्काल पोर्टल पर भी अपडेट कर दिया है।
संबंधित उद्योग के प्रबंधक शिव कुमार धीमान ने बताया कि वह विभाग के समक्ष ज्यादा बिलिंग होने का मामला लगातार उठा रहे थे लेकिन विभाग कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी बीच जनवरी माह में बारिश के चलते उनका उद्योग बंद रहा। फिर भी बोर्ड ने बिजली का बिल साढ़े पांच लाख रुपये के करीब थमा दिया। उद्योग के प्रबंधक शिव कुमार धीमान ने कहा कि उनके उद्योग का बिल अधिकतर डेढ़ से दो लाख के करीब ही आता था। लेकिन, जब बिल साढ़े पांच लाख के करीब आया तो उनके होश उड़ गए।
काफी दौड़धूप के बाद बोर्ड ने अपनी गलती मानते हुए अधिक बिल की सेटलमेंट करवा दी है। विद्युत बोर्ड के एसडीओ होशियार सिंह ने माना कि उक्त उद्योग का बिल खपत से ज्यादा जनरेट हो गया था। अब संशोधित बिल संबंधित उद्योग को भेज दिया गया है।