संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी और निजी जंगलों में आग की घटनाओं को लेकर ड्रोन की भी मदद ली जाएगी। ड्रोन कैमरों से संवेदनशील क्षेत्रों में नजर रखी जाएगी। किसी ने जंगलों में आग लगाने का प्रयास किया तो उसे विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यह बात जिला परिषद उपाध्यक्ष कृष्णपाल शर्मा ने सोमवार को खुरवाईं फारेस्ट सर्कल में जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाने के बाद कही। उन्होंने कहा कि यह वाहन क्षेत्र में जाकर लोगों को जंगलों में आग न लगाने के बारे में जागरूक करेगा।
कृष्णपाल शर्मा ने कहा कि लोग अपने खेतों व घासनियों को साफ करने के लिए आग लगाते है, जो भयंकर रूप धारण कर जंगलों को तबाह कर देती है। अगर कोई जंगलों में आग लगाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे पांच हजार रुपये जुर्माना व छह माह की सजा का प्रावधान है। कहा कि इस बार भीषण गर्मी पड़ रही है।
किसान अपनी मलकीयत भूमि या फिर सरकारी भूमि जंगल आदि में आग लगाने का प्रयास न करें। किसान मलकीयत भूमि में झाड़ियों को आग लगाते है और वही आग सरकारी जंगल तक पहुंच जाती है।
वहीं, कुछ शरारती तत्व सरकारी जंगलों के मध्य आग लगा देते है। जहां पर न तो कोई पहुंच सकता है और न ही आग पर काबू पाया जा सकता है। इस मौके पर वन परिक्षेत्र अधिकारी अश्विनी कुमार, डिप्टी रेंजर रामपाल, वन रक्षक गोपाल सिंह, संजीव कुमार, सुशील कुमार आदि उपस्थित रहे।