ऊना। ग्राम पंचायत बसोली ने पीर निगाह मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। अपनी इस मांग को लेकर पंचायत पदाधिकारी व स्थानीय निवासी सोमवार सुबह आठ दिन में दूसरी बार उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने मांग उठाई कि 13 फरवरी 2026 के कार्यालय आदेश की वर्तमान परिस्थितियों में दोबारा समीक्षा कर उसे तत्काल प्रभाव से वापस अथवा संशोधित किया जाए तथा मंदिर का संपूर्ण प्रबंधन नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत बसोली को सौंपा जाए।
पंचायत प्रधान सतनाम सिंह ने बताया कि पीर निगाह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि क्षेत्र की आस्था, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय आजीविका का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के कारण स्थानीय दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं, फूल-माला विक्रेताओं, वाहन चालकों और अन्य कई परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। पूर्व में चुनाव के बाद निर्वाचित ग्राम पंचायत ही मंदिर का प्रबंधन एवं देखरेख करती रही है। मंदिर की आय और सहयोग राशि का उपयोग गांव के विकास, जनकल्याण और सामाजिक कार्यों में किया जाता रहा है। पंचायत द्वारा समय-समय पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान, गरीब परिवारों की आर्थिक सहायता, सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन, प्राकृतिक आपदा के समय राहत कार्य तथा मंदिर परिसर और आसपास की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जाते रहे हैं। वर्तमान में पंचायत के पास मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य अधर में लटक गए। पंचायत प्रधान ने मांग उठाई कि पीर निगाह मंदिर का संपूर्ण प्रबंधन, अभिलेख, बैंक खाते, आय-व्यय का विवरण, दान राशि, चल-अचल संपत्ति सहित सभी रिकॉर्ड सूचीबद्ध कर प्रधान के माध्यम से ग्राम पंचायत बसोली को तत्काल हस्तांतरित किए जाएं।
नहीं मिले उपायुक्त, एडीसी से की मुलाकात
बसोली पंचायत के पदाधिकारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में सोमवार सुबह बारिश के बीच उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस दौरान वे सीढ़ियां चढ़कर जब उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, तो पता चला कि अधिकारी आज शायद ही आएं। इससे ग्रामवासी निराश हो गए। उन्होंने कहा कि बीते आठ दिन में दूसरी बार उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। हालांकि एडीसी इशांत जसवाल ने मौका संभाला और पंचायत पदाधिकारियों के बातचीत के बाद उचित कार्यवाही का भरोसा दिया।
क्या है मामला
ध्यान रहे कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पंचायत चुनाव लंबित होने के कारण जिला प्रशासन ने 13 फरवरी 2026 को एक अस्थायी समिति का गठन किया था ताकि मंदिर का प्रबंधन सुचारु रूप से चलता रहे। अब पंचायत चुनाव संपन्न हो चुके हैं और नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत ने विधिवत शपथ ग्रहण कर कार्यभार संभाल लिया लेकिन अभी तक मंदिर का प्रभार पंचायत को नहीं सौंपा गया।
एडीसी इशांत जसवाल ने बताया कि बसोली ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों से पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन को लेकर बातचीत की गई। मामले से संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी जुटाकर और उपायुक्त ऊना जतिन लाल से चर्चा के बाद आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।