ऊना जिले में कोरोना काल के दौरान बच्चों के लिए जिला स्तर पर विशेष आईसीयू वार्ड स्थापित किया गया है। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान क्षेत्रीय अस्पताल में कोरोना से संक्रमित गंभीर बच्चों के लिए 30 बेड का आइसीयू वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड को हाई फ्लो ऑक्सीजन युक्त विशेष वार्ड बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में कोरोना काल के दौरान बच्चों के लिए जिला स्तर पर विशेष आईसीयू वार्ड स्थापित किया गया है। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान क्षेत्रीय अस्पताल में कोरोना से संक्रमित गंभीर बच्चों के लिए 30 बेड का आइसीयू वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड को हाई फ्लो ऑक्सीजन युक्त विशेष वार्ड बनाया गया है। इस पर करीब 30 लाख खर्च किए गए हैं। जिला में कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं को लेकर कई बदलाव आए हैं।
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कोरोना काल के दौरान जहां जिले में कोविड अस्पताल, पीएसए प्लांट व अन्य सुविधाएं शुरू हुई हैं। इसी कड़ी में जिले के क्षेत्रीय अस्पताल में करीब 30 लाख की लागत से बनाया गया है। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों का कोरोना की चपेट में आने की आशंका के चलते क्षेत्रीय अस्पताल में विशेष वार्ड स्थापित किया गया है। इस वार्ड में केवल फिलहाल कोरोना संक्रमित बच्चों को उपचार के लिए रखा गया है। बता दें कि भविष्य में इस विशेष वार्ड को किसी भी आपातकाल में प्रयोग किया जा सकता है।
कोरोना काल के पूर्व क्षेत्रीय अस्पताल में बच्चों के लिए इस प्रकार से काई विशेष वार्ड नहीं था, जिसमें हाईफ्लो ऑक्सीजन सहित अन्य सुविधाएं हों। इससे आपदा के समय बच्चों को विशेष सुविधाएं मिल सकती हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान बच्चों के लिए तीस बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। इससे भविष्य में काफी लाभ होगा।
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बच्चों के अलावा अन्य रोगियों के लिए भी हो सकता है प्रयोग
क्षेत्रीय अस्पताल में बच्चों के लिए बनाए गए विशेष वार्ड को अन्य रोगियों के लिए भी जरूरत पड़ने पर प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा इस वार्ड में ऑक्सीजन और हार्ट रेट डिजिटल मॉनीटर सहित अन्य सुविधाएं भी हैं। इससे सभी मरीजों को आपातकाल वार्ड में न रखकर इस वार्ड में भी उपचार किया जा सकेगा।