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प्रधानाचार्य की भूमिका कमजोर करने की कोशिश : संघ

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सरकारी आदेश पर भड़का प्रवक्ता संघ, बिना समझ जारी हुआ पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। स्कूल लेक्चरर संघ जिला ऊना ने शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षकों के बीच चार्ज वितरण संबंधी जारी नए आदेश को पूरी तरह अव्यावहारिक और बिना तैयारी के बताया है। जिला अध्यक्ष शशि सैणी और महासचिव संजीव कुमार ने कहा कि यह पत्र जमीनी वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ कर जल्दबाज़ी में जारी किया गया है, जिसके चलते शिक्षक समुदाय में गहरा रोष है।


उन्होंने कहा कि स्कूल में किस शिक्षक को कितना कार्य सौंपना है, यह अधिकार पूरी तरह प्रधानाचार्य का होना चाहिए। विभाग द्वारा चार्ज को विषयवार बांटना न केवल भ्रम पैदा करता है, बल्कि प्रधानाचार्य के प्रशासनिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास भी प्रतीत होता है।
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संघ पदाधिकारियों ने एडमिशन/विथड्रॉल रजिस्टर जैसे सामान्य प्रशासनिक कार्य को केवल अंग्रेजी प्रवक्ता को सौंपने को अनुचित बताया। उनका कहना है कि यह कार्य किसी भी विषय के कमीशन पास शिक्षक द्वारा सहजता से किया जा सकता है। ऐसे निर्णय न केवल प्रवक्ता वर्ग में अनावश्यक दूरी पैदा करते हैं, बल्कि व्यावहारिकता के भी विपरीत हैं। संघ ने यह भी कहा कि कई स्कूलों में अंग्रेजी का केवल एक ही प्रवक्ता है, वह भी अधिकांशतः महिला अध्यापिका, जिन पर पहले ही भारी कार्यभार रहता है। ऐसे में उन्हें अकेले ही बड़े-बड़े रजिस्टरों का अतिरिक्त बोझ देना सरासर अन्याय है। विषय-आधारित कार्य विभाजन से न केवल संतुलन बिगड़ता है, बल्कि शिक्षकों में अनावश्यक तनाव भी बढ़ता है।
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संघ ऊना के जिलाध्यक्ष शशि सैणी एवं संजीव कुमार ने विभाग से मांग की है कि वह इस पत्र को तुरंत वापस लेकर व्यापक विचार-विमर्श करे और चार्ज वितरण के लिए तर्कसंगत, न्यायसंगत और व्यावहारिक नीति तैयार करे। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि विभाग ने शिक्षकों की वास्तविक परिस्थितियों को समझे बिना ऐसे निर्णय थोपना जारी रखा, तो प्रवक्ता संघ आंदोलन का मार्ग अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
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