मैहतपुर बॉर्डर में लगाए तंबू को वाटर प्रूफ करते हुए।
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मैहतपुर (ऊना)। दूसरे राज्यों से हिमाचल में आने वाले यात्रियों के लिए मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कोई रियायत नहीं मिली है। सितंबर में कोविड की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फिलहाल हिमाचल के सीमावर्ती प्रवेशद्वारों पर चल रही बंदिशों को जारी रखने का निर्णय लिया है।
ऊना जिला के मैहतपुर प्रवेशद्वार से होकर हिमाचल में दाखिल होने वाले अन्य राज्यों से आ रहे यात्रियों को पहले ही की तरह ई-पास दिखाना लाजमी बनाया गया है। इसके अलावा डबल डोज वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र दिखाकर भी लोग हिमाचल में प्रवेश कर सकते हैं। मंगलवार को ई-पास से ही लोगों को हिमाचल में प्रवेश मिल पाया। जांच के लिए हिमाचल पंजाब सीमा लगाए नाकों पर तैनात शिक्षकों ओर पुलिस मुलाजिमों ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही लोगों को प्रवेश की अनुमति दी।
सरकार के आदेशों को अमलीजामा पहनाने वाले ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने अमर उजाला को बताया कि मंगलवार को जांच पड़ताल के बाद ही लोगों को एंट्री दी जा रही है। हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों की तादाद मंगलवार को भी काफी रही। काफी संख्या में पंजाब से आए लोगों ने ई-पास दिखाकर एंट्री पाई। इस बीच मंगलवार को नाके पर तैनात कर्मचारियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने पंजाब सीमा पर एक धार्मिक स्थल में बनाए शौचालयों को इस्तेमाल करने के लिए खोल दिया है। इससे कर्मचारियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
एसडीएम डॉ. निधि पटेल के निर्देश पर नाके पर बनाए कर्मचारियों के तंबुओं को पूरी तरह से वाटर प्रूफ कर दिया है। इससे बारिश का पानी टेंट के अंदर नहीं आ सकेगा। एसडीएम ऊना डॉ. निधि पटेल ने कहा कि हिमाचल सरकार के आदेश के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रवेश को लेकर पहले से चल रही व्यवस्था को ही कायम रखा जाएगा। नाकों पर तैनात कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए हैं।