मां चिंतपूर्णी के दर्शन लिए लाईनों में खडे हो बारी का इंतजार करते हुए भक्तजन। संवाद
गर्मी और उमस के बीच श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, मैट और टेंट की नहीं दिखी व्यवस्था
धूप के बीच घंटों खड़े होकर श्रद्धालुओं ने किए पावन पिंडी के दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शनों के लिए रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं को कतारों में लगकर दर्शनों के लिए चार से पांच घंटे अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। दर्शनों के लिए लगी दोहरी कतार भारतीय स्टेट बैंक को भी पार करते हुए उतराई के नीचे तक पहुंच गई। उधर, सुगम दर्शन प्रणाली से दर्शन करने वालों की संख्या भी काफी ज्यादा रही। लिफ्ट पर भी छोटी लाइनें देखने को मिल रही थीं। जिस कारण दर्शन के लिए लगी दोहरी कतार काफी धीमी गति से चल रही थीं।
मंदिर प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को करीब 22000 श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया। श्रद्धालु आस्था के साथ माता रानी की भेंटें गाते और जयकारे लगाते मंदिर पहुंचते दिखाई दिए। पुराने बस स्टैंड से लेकर कतारों के अंतिम छोर तक मंदिर न्यास की ओर से पेयजल की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। श्रद्धालु दुकानों, ढाबों से पानी खरीदकर पीने को मजबूर दिखाई दिए। रविवार को मौसम काफी उमस भरा था और घंटों लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। न्यास की ओर से मात्र चार-पांच छायामान ही लगाए गए। हालांकि रविवार का दिन और संक्रांति होने पर काफी भीड़ रहने का पहले से अनुमान था लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई। श्रद्धालु नंगे पांव सड़क पर थे और मंदिर न्यास की ओर से उचित मात्रा में मैट भी नहीं बिछाए गए।
मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने दो दिन पहले कर्मचारियों को श्रद्धालुओं को धूप से बचने के लिए उचित मात्रा में छायामान लगाने और मैट बिछाने के निर्देश दिए थे, जिसे कर्मचारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। अजय मंडियाल ने बताया कि जहां कमियां रहीं, उन्हें सुधारा जाएगा।