ऊना धर्मशाला मार्ग पर फुटपाथ के लिए पैमाइश करते राजस्व, नगर परिषद और एनएचएआई विभाग के कर्मी।
- फोटो : Una
ऊना। जिला मुख्यालय में लालसिंगी से लेकर पुराने अड्डा ऊना के पुल तक ढाई किलोमीटर क्षेत्र में 111 अवैध अतिक्रमण के मामले मिले हैं। इनमें से 35 स्थायी और 76 अस्थायी हैं। इसका खुलासा एनएचएआई की ओर से करवाई निशानदेही में हुआ है। इसके खुलासे के बाद अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा है।
जिला मुख्यालय में हाईकोर्ट के आदेश पर बीते दिनों निशानदेही करवाई गई थी। इसमें कई दुकानें भी अतिक्रमण की जद में आई हैं। कई अस्थायी अतिक्रमण भी हैं। डीसी ने निर्देश दिए हैं कि अस्थायी अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए और स्थायी अतिक्रमण के लिए शीघ्र नोटिस जारी किए जाएं। नोटिस से स्वयं ही स्थायी अतिक्रमण को हटाने का आग्रह किया जाएगा। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऊना शहर में हुई निशानदेही में कई दुकानों के अंदर तक निशान लगे हैं। स्थायी अतिक्रमण में ऐसी दुकानें और स्थायी स्ट्रक्चर को शामिल किया गया है। जबकि अस्थायी अतिक्रमण में शेड, टीन के छज्जे और अन्य शामिल हैं। अस्थायी अतिक्रमण को लेकर बिना किसी नोटिस के ही हटा दिया जाएगा। जबकि स्थायी स्ट्रक्चर को हटाने के लिए पूरी प्रक्रिया अमल पर लाई जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई को विभाग सख्ती के साथ अपना रहा है। बता दें कि ऊना शहर में फुटपाथ बनाने को लेकर भी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अतिक्रमण हटने के साथ ही फुटपाथ को लेकर भी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं एनएचएआई के एसडीओ राजेश ने बताया कि सूची तैयार की जा रही है। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीसी राघव शर्मा ने बताया कि स्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिए नोटिस देने के निर्देश दिए हैं।