हिमाचल में लगातार मंदिरों में चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। शिमला के पास बई गांव में मारिछ देवता मंदिर से चोर देवता की मुख्य मूर्ति समेत 12 मूर्तियां उड़ा ले गए हैं। शुक्रवार रात को चोरी हुई मूर्तियों और सामान की कीमत लाखों में बताई जा रही है। मंदिर कमेटी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की धरपकड़ में नाकेबंदी कर दी है।
मंदिर में चोरी का उस समय पता चला जब पुजारी मंदिर पहुंचे। दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मंदिर कमेटी के प्रधान को दी। प्रधान अमीचंद वर्मा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया। मंदिर से देवता की मुख्य मूर्ति समेत 12 मूर्तियां गायब थीं। इनमें दो अष्टधातु और 10 मूर्तियां चांदी की बताई जा रही हैं। इसके अलावा चांदी को दो चौंरियों (चंवर) समेत एक माला भी गायब है।
एसडीपीओ सुनील नेगी ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए सैंज, किंगल, नारकंडा समेत कई अन्य जगहों पर नाके लगाए हैं। चोरी की सूचना मिलते ही मंदिर में लोगों का तांता लग गया है। अपने आराध्य देवता की मूर्ति चोरी होने से लोग काफी आहत हैं।
इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस से आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और मूर्तियों को वापस लाने की मांग उठाई। प्रधान अमीचंद ने बताया कि ग्रामीण अपने स्तर पर भी मूर्तियां की तलाश करेंगे, ताकि जल्द से जल्द उनके आराध्य मिल सकें।
आखिर मंदिरों में बढ़ रही चोरी की वारदातों के लिए कौन जिम्मेवार?
कुमारसैन में देवता मारिछ के मंदिर में हुई चोरी ने देवालयों के भीतर सुरक्षा इंतजामों की फिर पोल खोल दी है। देवभूमि हिमाचल के देवालयों में देवताओं की करोड़ों की संपत्ति पड़ी है। इसके बावजूद मंदिरों में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
पुलिस मंदिर कमेटियों को बार-बार जागरूक कर रही है कि मंदिरों में सुरक्षा बढ़ाई जाए, लेकिन कमेटियां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगवा पा रही हैं। ऐसे में इन वारदातों के लिए कौन जिम्मेवार है ?
देवता मारिछ के मंदिर में हुई चोरी पहली घटना नहीं है। इससे पहले अक्तूबर माह में कुमारसैन के किरटी स्थित देवता मरिच के मंदिर में चोरी हुई और चोर दस मूर्तियों पर हाथ साफ कर गए। कुछ दिन पूर्व कुल्लू में चोरों ने भगवान रघुनाथ के मंदिर से लाखों के सोने चांदी पर हाथ साफ किया था।
देवभूमि में अब तक चोरी की अनेक वारदातें हो चुकी हैं। इनमें से अब तक सिर्फ देवता ब्रौंद्रा की मूर्तियां मिल पाई हैं। बाकी किसी भी देवता की मूर्तियां अभी मिली नहीं हैं। अपराधी चोरी कर लोगों की आस्था पर लगातार ठेस पहुंचा रहे हैं, बावजूद इसके मंदिर कमेटियां जागरूक नहीं हो रही हैं और न ही ऐसी वारदातों से सबक लिया जा रहा है। आए दिन होती चोरी की वारदात इसका प्रमाण है। क्योंकि अगर मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए होते तो चोर चोरी की हिमाकत नहीं करते।
क्या कहना है पुलिस का
एसडीपीओ सुनील नेगी ने बताया कि पुलिस न केवल मंदिर कमेटियों बल्कि जन प्रतिनिधियों को भी मंदिरों की सुरक्षा को लेकर बार-बार जागरूक करती रही है। इसके बावजूद कुछेक जगहों पर कमेटियां जागरूक नहीं हो रही हैं। मंदिर कमेटियों को सुरक्षा के मजबूत इंतजाम हर हाल में करने होंगे, तभी इस तरह की घटनाएं रुकेंगी। मंदिर कमेटी मारिछ देवता के प्रधान अमी चंद वर्मा ने माना कि सुरक्षा के लिहाज से मंदिर में कम से कम सीसीटीवी कैमरे जरूरी हैं।