सुधा देवी ने कहा कि हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने के लिए टीकाकरण की बूस्टर डोज बेहद जरूरी है। कोविड वैक्सीन को लेकर लोगों में भ्रम पैदा हो गया था, इसलिए टीबी से बचाव की बूस्टर डोज को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जब हिमाचल एचआईवी और पोलियो से जीत सकता है तो टीबी से जीतना भी असंभव नहीं है। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डाॅ. गोपाल बेरी ने अपने संबोधन में कहा कि अभी भी टीबी को सामाजिक कलंक की दृष्टि से देखा जा रहा है इसलिए जरूरी है कि इसे लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए। कार्यशाला में मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रदीप कुमार ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक पंचायती राज नीलम दौलटा, उप निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. राजेश गुलेरी और वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर संस्था के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर जोशी भी उपस्थित रहे।