फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तारकोल का संकट: हिमाचल में टारिंग का काम हो रहा प्रभावित, ठेकेदार यूनियन ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग रखी

Wed, 07 Oct 2026 06:30 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

कई क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में तारकोल उपलब्ध नहीं होने से टारिंग का काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों का कहना है कि तारकोल की आपूर्ति नियमित नहीं होने के कारण मशीनरी और श्रमिकों को मौके पर खड़ा रखना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
विज्ञापन
टारिंग का काम हो रहा प्रभावित - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मानसून के विदा होने के बाद प्रदेश में सड़कों की टारिंग का काम तेज करने की सरकार की तैयारी को तारकोल की कमी ने झटका दिया है। कई क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में तारकोल उपलब्ध नहीं होने से टारिंग का काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों का कहना है कि तारकोल की आपूर्ति नियमित नहीं होने के कारण मशीनरी और श्रमिकों को मौके पर खड़ा रखना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। लोक निर्माण विभाग ने मानसून के बाद अगले दो महीने में करीब 800 किलोमीटर सड़कों पर टारिंग और जरूरी पैचवर्क का लक्ष्य तय किया है। विभाग की ओर से अधिकारियों और ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन

 

Trending Videos
विज्ञापन

इसके बावजूद तारकोल की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है। ठेकेदारों के अनुसार कई जगहों पर तीसरे से चौथे दिन तारकोल का ट्रक पहुंच रहा है। ऐसे में लगातार काम करना संभव नहीं हो पा रहा। ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष सतीश बिज ने कहा कि चौथे दिन तारकोल का ट्रक उपलब्ध हो रहा है। सरकार से तारकोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि टारिंग के लिए मौसम अनुकूल होने का समय सीमित है। यदि इसी तरह आपूर्ति बाधित रही तो समय पर टारिंग का काम पूरा नहीं हो पाएगा। ठेकेदारों ने मांग की है कि तारकोल की आपूर्ति का शेड्यूल तय कर नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें