सोलन। जिला परिषद सदस्यों ने बैठक में विभागध्यक्षों के सामने फील्ड कर्मचारियों की पोल खोल दी। सदस्यों ने कहा कि फील्ड स्तर के अधिकारी उनके फोन नहीं उठाते हैं। यही नहीं रुके हुए कार्यों पर अधिकारियों को जल्द जवाब देने के लिए भी कह दिया। कई सदस्यों का कार्य न होने पर बैठक में तल्खी भी दिखाई दी। इसके चलते कुछ देर तक बैठक का माहौल गर्म रहा।
शनिवार को जिला पंचायत कार्यालय में जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक हुई। बैठक में फोरलेन, पानी, बिजली, परिवहन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने की। अतिरिक्त उपायुक्त जफर इकबाल भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में जिला परिषद सोलन की 10 नवंबर 2021 से 18 फरवरी 2022 तक की लगभग 5.30 करोड़ रुपए की आय-व्यय को भी स्वीकृति दी गई।
इस दौरान पुराने करीब 48 मदों पर चर्चा की गई। नई 29 मदें सदन में उठाई गईं। बैठक में सोलन पंचायत समिति के अध्यक्ष भीम सिंह पंवर और अन्य बीडीसी अध्यक्षों ने कहा कि उन्हें बैठक की सूचना काफी देरी से प्राप्त होती है। इसके चलते समय पर किसी मुद्दे को सदन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने जिला परिषद सदस्यों, विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें। इसके लिए समन्वय स्थापित कर काम करें ताकि लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि समस्याओं को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर शीघ्र सुलझा सकते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त जफर इकबाल ने कहा कि विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड के अधिकारियों को फोन उठाने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में आए मुद्दों में से 90 फीसदी काम हो चुके हैं। इनमें दस फीसदी काम वे हैं जो लैंड और अन्य कारणों से फंसे हुए हैं। पिछली बैठक में कारण बताओ नोटिस जारी होने का बैठक में असर देखने को मिला है। इस बार अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में जिला पंचायत अधिकारी रमेश मिन्हास, जिला परिषद उपाध्यक्ष कमलेश पंवर, जिला परिषद सोलन सदस्य, खंड विकास अधिकारी तथा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बस के मुद्दे पर एक-दूसरे के पाले में फेंकी गेंद
जिप सदस्य दर्पणा ठाकुर ने प्रश्न किया कि आंजी मातला पंचायत में धर्मपुर से क्यारद तक बस क्यों नहीं चलाई जा रही है। जंगेशू में मसूलखाना से वाया ठारूगढ़-चंद्रयाणी-परवाणू की बस सेवा कब शुरू होगी। इस पर पथ परिवहन विभाग परवाणू और सोलन डिपो के उपस्थित अधिकारी परेशान दिखाई दिए और एक-दूसरे को बस चलाने के लिए पूछते रहे।
विभाग को ही नहीं पता पैसा कहां हुआ खर्च
हीरा कौशल ने प्रश्न किया कि प्राथमिक पाठशाला कश्यालु से एंबुलेंस रोड बनना है। इस पर अधिकारी ने उत्तर दिया कि कुछ हिस्सा रह गया है। इसके लिए फंड खर्च हुआ है। जब फंड के बारे में पूछा तो यह पता नहीं चला कि रोड बनाने के लिए पैसा कहां से खर्च हुआ है।
एनएचएआई की जिम्मेदारी तय करें
परवाणू से शिमला तक बन रहे फोरलेन के कारण लगातार लोगों को परेशानी हो रही है। इसको लेकर जनप्रतिनिधि भी अधिकारियों के पास जा रहे हैं। इसके बावदजू समाधान नहीं हो रहा है। सलोगड़ा जिप सदस्य मनोज वर्मा और सपरून जिप वार्ड के सदस्य राजेंद्र ठाकुर ने फोरलेन निर्माण के दौरान कंपनी की ओर से की जा रही डंपिंग, आम रास्तों और संपर्क सड़कों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने एनएचएआई की जवाबदेही तय करने की मांग की।