कुनिहार (सोलन)। प्रदेश सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे जमीन पर खोखले साबित हो रहे हैं। सिविल अस्पताल कुनिहार में लगाई एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन कई महीनों से धूल फांक रही है।
अस्पताल में न कोई विशेषज्ञ है और न ही अस्पताल में एंबुलेंस जैसी मूलभूत सुविधा है। अस्पताल में पैरा मेडिकल स्टाफ के अन्य पद भी खाली पड़े हैं। एंबुलेंस नहीं मिलने से मरीजों को निजी गाड़ियों से अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। हैरत की बात है कि लोगों ने कई बार इस समस्या को स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने मांग को अनदेखा किया।
सिविल अस्पताल कुनिहार चार विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को सुविधा देता है। अस्पताल में करीब 20 पंचायतों की 30 हजार से अधिक आबादी इलाज के लिए आती है। आपातकालीन स्थिति में भी लोग अस्पताल आते हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से आईजीएमसी शिमला रेफर करना पड़ता है। कई बार रेफर मामलों में समय पर इलाज न मिलने से पीड़ित जान भी गवां चुके हैं। अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करने के लिए तकनीशियन भी नहीं हैं। लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की लाइव रिपोर्ट :
स्थान: सिविल अस्पताल कुनिहार, सुबह-9:30 बजे। अस्पताल के पर्ची काउंटर पर भीड़ नहीं है। ओपीडी में दो चिकित्सक ही बैठे हैं। मरीज ओपीडी के बाहर अपनी बारी के इंतजार में खड़े हैं।
सुबह 10:00 बजे अस्पताल में पंचायत का कर्मी सफाई कर रहा है। इलाज के लिए वार्ड में भर्ती प्रेम चौधरी ने बताया कि अस्पताल में देर तक सफाई का कार्य किया जाता है। बार-बार परेशान होना पड़ता है।
समय-10:15 बजे। मरीज टेस्ट करवाने क लिए लैब के बाहर खड़े हैं। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा है। लैब की दीवारें सीलन से भरी हैं। अस्पताल की पुराने भवन में कई जगह छत से प्लास्टर गिर रहा है।
समय-10:40 बजे। अस्पताल में रंगड़ के काटने पर वीरवार रात को इमरजेंसी में 108 एंबुलेंस में लाए गंभरपुल के बुजुर्ग रोशन लाल को चिकित्सकों की कमी से बेंच पर बैठकर चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं।
समय-11:15 बजे। युवा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल करवाने आए हैं। आंखों के टेस्ट करवाने के लिए लोगों को निजी लैब में भेजा जा रहा है।