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Solan News: -शिक्षा अभियान- शहर में बिना फिटनेस, दस्तावेज चल रही सात स्कूल बसों के काटे चालान

Fri, 23 Feb 2024 06:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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स्कूल बसों के दस्तावेज की जांच करते हुए अ​धिकारी। संवाद
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-शिक्षा अभियान- इंपैक्ट
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उपायुक्त के आदेशों के बाद जिला मुख्यालय में आरटीओ ने की कार्रवाई
स्कूल प्रबंधकों से भी मांगा जवाब, सुरक्षा में कोताही पर विभाग सख्त
बसों के चालक परिचालक बिना वर्दी में ही कर रहे ड्यूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला उपायुक्त के आदेशों के बाद बीबीएन समेत जिला मुख्यालय सोलन में भी निजी स्कूल बसों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसके तहत शुक्रवार को सोलन में परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की जांच की है, जिसमें सात बसों में कोताही पाई गई है। इसमें बस का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं था, बसों के दस्तावेज और चालक बिना वर्दी के थे। विभाग ने कार्रवाई कर स्कूल प्रबंधकों से भी इसका जवाब भी मांगा है।
जानकारी के अनुसार अमर उजाला की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। इसके बाद उपायुक्त ने निजी स्कूल बसों की जांच के आदेश दिए है। वहीं इन आदेशों पर परिवहन विभाग ने कार्रवाई करना भी शुरू कर दिया है। जिला में नियमों को ताक पर रखकर कई स्कूल बसें बिना स्पीड गवर्नर के दौड़ रही हैं। छोटी स्कूल बसों में जीपीएस और सीसीटीवी भी नहीं लगे हैं। जबकि स्कूल प्रबंधकों की ओर से हायर की गई गाड़ियां तो बिना पीले रंग की हैं। जबकि टैक्सियों और ऑटो में तो इस तरह के इंतजाम दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहे हैं। जिले में चलने वाले निजी स्कूलों को अपनी बसें चलाने से पहले इसकी पासिंग करवानी पड़ती है। पासिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट के बाद ही निजी स्कूलों को बस चलाने की अनुमति परिवहन विभाग की ओर से दी जाती है।
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इनसेट
कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि निजी स्कूल बसों के संचालन में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बसों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑटो और टैक्सियों में सिर्फ वाहनों की क्षमता के अनुसार ही बच्चों को ढोया जा सकता है। ओवरलोडिंग करने पर कार्रवाई की जाती है। निजी बसों की जांच को लेकर मुहिम जारी रहेगी।
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इनसेट
ये है नियम
-बस में सीसीटीवी लगा होना चाहिए
-बस में स्पीड गवर्नर लगाया जाए।
-स्कूल बस में जीपीएस लगा होना चाहिए।
-बस चालक, परिचालक वर्दी में ड्यूटी पर होने चाहिए।
-बस चालक के पास पांच साल पुराना हैवी लाइसेंस होना चाहिए।
-बस पर स्कूल बस लिखा होना चाहिए।
-स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए।
-स्कूल बस पर स्कूल का नाम होना चाहिए।
-फास्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र लगाया जाए।
स्कूल बसों में आपातकालीन द्वार होना चाहिए।
स्कूल बस का परमिट, लाइसेंस, पंजीकरण सही होना चाहिए।

स्कूल बसों के दस्तावेज की जांच करते हुए अधिकारी। संवाद

स्कूल बसों के दस्तावेज की जांच करते हुए अधिकारी। संवाद

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