बद्दी (सोलन)। बद्दी के तहसीलदार मुकेश शर्मा के नेतृत्व में कंपनी संचालकों और ग्रामीणों की बीच लिखित समझौता हुआ। ग्रामीणों ने दोटूक कहा कि कंपनी संचालक पहले प्रदूषण कम करने के लिए कदम उठाए, उसके बाद ही ताला खोला जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र बरोटीवाला के कुल्हाड़ीवाला स्थित एक गत्ता फैक्टरी के प्रदूषण से परेशान होकर गांव की महिलाओं ने शनिवार को कंपनी गेट पर ताला लगा दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी की राख से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
कंपनी का दूषित पानी कंपनी के आगे जमा होने से उनके पशु इस पानी को पीकर बीमार हो रहे हैं। कंपनी के दूषित पानी की बदबू से लोगों को सांस लेना कठिन हो रहा है। ग्रामीणों के ताला लगाने के बाद कंपनी संचालकों ने फैक्टरी को बंद कर दिया था। रविवार को बद्दी के तहसीलदार मुकेश शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जेई अभय गुप्ता, पंचायत प्रधान लता देवी के नेतृत्व में कंपनी संचालक दीपक और सुनील गर्ग का ग्रामीणों का साथ समझौता हुआ।
कंपनी संचालकों ने चिमनी में वेट्स स्प्रे लगाने, सीटीपी में पहले से दो गुणा दूषित पानी भेजने, खराब गत्ते के खुले में न फेंक कर शेड के नीचे रखने, बदबू दूर करने के लिए कंपनी परिसर में पौधरोपण का लिखित समझौता किया।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रदूषण कम नहीं हुआ तो वे कंपनी को बंद कर देंगे। इस मौके पर वार्ड सदस्य सुमन, लीला देवी, गोमा देवी, सोमनाथ, जीत सिंह, बंद राम, कश्मीर सिंह, बहादुर सिंह, चंद्रखास, पूनम, किरण गुरप्रीत, अशोक कुमार, गुरदेव, महीपाल, कपूर चंद और निर्मल सिंह उपस्थित हुए।