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बीबीएन में दो खरीद केंद्र खुलने के बावजूद बढ़ीं किसानों की दुश्वारियां

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नालागढ़ के खरीद केंद्र में अपनी बारी के इंतजार में बैठे किसान। संवाद - फोटो : SOLAN
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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ और दून में धान खरीद तो शुरू हो गई है लेकिन अभी भी किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जिन किसानों को तारीख अगले महीने की दी गई है, उनका धान खराब होने का खतरा बना हुआ है।
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मौसम खराब होने से दिक्कत और बढ़ सकती है। नालागढ़ में चार हजार हेक्टेयर जमीन पर किसान धान की खेती लगाते हैं। पहले किसान आसानी से अपना धान पंजाब और हरियाणा की मंडी में बेच देते थे लेकिन पिछले साल से पंजाब-हरियाणा ने हिमाचल के किसानों का धान खरीदना बंद कर दिया है। पिछली दफा चोरी-छिपे किसानों ने पंजाब में धान बेच दिया था लेकिन इस साल पूरी तरह पाबंदी है। यहां तक कि नालागढ़ के तीन किसानों के खिलाफ पुलिस में मामले भी दर्ज हुए।
नालागढ़ और दून में खरीद शुरू हो गई लेकिन नालागढ़ में 13 दिनों से मात्र 113 किसानों का 6200 क्विंटल धान ही खरीदा गया। दून के मलपुर में तीन दिन के भीतर नौ किसानों के 506 कुंतल धान ही बिक पाया। किसान हिम्मत सिंह ने बताया कि उनकी धान की बुकिंग 26 अक्तूबर है जबकि राजेंद्र की 25 को थी लेकिन अभी तक उनकी धान नहीं बिकी। वर्तमान में 22 और 23 अक्तूबर की बुकिंग वाले किसानों की धान ली जा रही है।
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जिला परिषद के पूर्व सदस्य उजागर सिंह ने बताया कि जिस रफ्तार से धान खरीदा जा रहा है, उससे किसानों के धान खराब होने का खतरा बना हुआ है। किसानों ने पहले लगाने के लिए पैसा दिया, उसके बाद पानी लगाने के लिए बिल का भुगतान किया। धान कटाई और झाड़ने के लिए मजदूर लगाए। अब मंडी तक ट्रैक्टरों से लाने के बाद भी धान नहीं बिक रहा है। जिन किसानों की बुकिंग 23 अक्तूबर को थी उनकी अभी भी धान बेचने के लिए बारी नहीं आई है।
उधर, सब्जी मंडी प्रभारी गंगा राम ने बताया कि दो स्थानों पर धान खरीद होने से नालागढ़ के किसानों को अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिन किसानों ने नालागढ़ में बुकिंग करवाई थी, उनकी फसल मलपुर केंद्र के लिए शिफ्ट होने से काफी फर्क पड़ेगा।
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