नगर निगम अब पीने के पानी को वार्ड स्तर पर स्टोर करेगा। इसके लिए प्रत्येक वार्ड या संयुक्त रूप से दो वार्डों के लिए जल भंडारण टैंक का निर्माण होगा। करोड़ों की गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं के बावजूद शहर में विकराल हो रही पानी कि किल्लत को दूर करने के लिए नगर परिषद ने यह सराहनीय फैसला लिया है। प्रत्येक टैंक की क्षमता 2 लाख गैलन होगी। मुख्य टैंकों के माध्यम से पहले सप्लाई इन टैंकों में होगी फिर संबंधित वार्डों को सप्लाई दी जाएगी।
प्रारंभिक चरण में दो वार्डों के लिए एक वाटर स्टोरेज टैंक का निर्माण किया जा रहा है। यदि यह फंडा कामयाब रहा तो प्रत्येक वार्ड का अलग से वाटर स्टोरेज टैंक बनेगा। इसके संचालन का जिम्मा नगर परिषद के पास ही होगा। अधिकारियों का दावा है कि इस व्यवस्था से सोलन शहर में बिना रुकावट पानी की सप्लाई लोगों को मुहैया होगी।
वहीं नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए बजट प्रचुर मात्रा में है। कुछ स्टोरेज टैंकों के लिए जगह चिन्हित की गई है। कुछ के लिए जगह चिन्हित करने के प्रयास जारी हैं। वर्तमान में अश्वनी की सप्लाई ठप है। गिरि से पानी आ रहा है लेकिन पानी क्षमता के मुताबिक पूरा नहीं हो पा रहा है।
आईटीआई और वार्ड 11
में बनेंगे सबसे पहले टैंक
नगर परिषद ने आईटीआई और वार्ड 11 में वाटर टैंक बनाने की कवायद फाइनल कर दी है। जल्द ही टैंक बनाने का कार्य शुरू करने। इसके साथ ही नप ने शहर में उन जगहों का चुनाव भी कर लिया है, जहां इन टैंक को बनाने का कार्य किया जाना है। टैंक के निर्माण कार्य के लिए नप द्वारा टेंडर भी जारी किए जा चुके है।
यहां भूमि का चयन प्रोसेस में
टैंक बनाने के लिए भूमि का चयन नप द्वारा किया जा चुका है। इनमें जवाहर पार्क, कथेड़, हाउसिंग बोर्ड, सलोगड़ा, आईटीआई और वार्ड 11 शामिल हैं। इसके साथ ही कई निजी भूमि मालिकों और सामाजिक संस्थाओं से नप द्वारा बात की जा रही है जो कम दामों पर परिषद को जमीन दे सके।
वर्तमान में यह पेयजल स्थिति
सोलन में पानी की सप्लाई आईपीएच और नगर परिषद करता है। आईपीएच अश्वनी और गिरि से पानी लिफ्ट करके टैंक रोड तक पहुंचता है। इसके बाद पानी को शहर में सप्लाई किया जाता है। शहर की लगभग 60 हजार की आबादी को प्रतिदिन लगभग 30 से 35 लाख गैलन पानी की सप्लाई की जरूरत पड़ती है।
लेकिन वर्तमान में आईपीएच द्वारा नप को केवल 15 से 20 लाख गैलन पानी ही मिल रहा है। परिषद के पास जल भंडारण का कोई ओर विकल्प नही होने के कारण पानी की समस्या रहती है।
मेन सप्लाई से जुडे़गे स्टोरेज टैंक
विभिन्न वार्डों में बनने वाले इन पानी के टैंकों को सीधे मेन टैंक के साथ जोड़ा जाएगा। इससे लगभग 16 लाख गैलन पानी को स्टोर किया जा सकेगा। वर्तमान में नप तीन टैंकों में पानी का भंडारण कर रहा है। इनकी कुल क्षमता 38 लाख गैलन है। वहीं नए सिस्टम के धरातल पर उतरने के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की पाइपों के जाल से भी मुक्ति मिलेगी।
इन्हें मिलेगा फायदा
15 वार्डों में विभाजित शहर की लगभग 60 हजार की आबादी को इन टैंकों के बनने से सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अगर भविष्य में किसी कारण अश्वनी और गिरि से होने वाली पानी की सप्लाई बाधित होती है तो भी शहर में बिना रुकावट पानी मिल सकेगा।
जल्द शुरू होगा कार्य : नेगी
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में बनाएं जाने वाले इन टैंकों का कार्य जल्द शुरू होगा। वहीं इस कार्य के लिए नप द्वारा टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। कुछ वार्डों में जमीन के चयन का कार्य करना बाकी है। इससे सोलन में पेयजल किल्लत से निजात मिलेगी। मुख्य टैंक के अलावा वार्ड स्तर पर भी पानी की स्टोरेज की सुविधा होगी।