संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में शिक्षा विभाग की टीम ने निजी स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। निजी स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। निजी स्कूल को चलाने के लिए बनाए नियमों से संबधित रिकॉर्डों सहित सुविधाओं की भी जांच की जा रही है।
निजी स्कूल प्रबंधनों को स्कूल में किताबों सहित अन्य सामान न बेचने के भी निर्देश दिए हैं। यदि कोई स्कूल अभिभावक पर किताबें, स्टेशनरी समेत अन्य वस्तुओं को स्कूल से ही खरीदने पर दबाव डालता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान निजी स्कूल प्रबंधन को पीटीए गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अधिकतर स्कूलों में पहले से पीटीए का गठन किया गया है। कुछ ऐसे भी स्कूल हैं जहां कोविड के बीच पीटीए गठित नहीं हो सकी है।
जिले भर में करीब 245 निजी स्कूल
जिले में आठवीं तक के 245 निजी स्कूल हैं। स्कूल प्रबंधनों की मनमानी को रोकने के लिए शिक्षा विभाग की एक टीम सभी स्कूलों में जाकर फीस स्ट्रक्चर सहित वर्दी, किताबों को लेकर भी जांच कर रही है। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी मर्जी अभिभावकों को किताबें और अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। अभिभावक मर्जी से किसी भी दुकान से वर्दी या किताबें खरीद सकते हैं।
स्कूलों का किया जा रहा निरीक्षण
शिक्षा विभाग प्रारंभिक के उपनिदेशक दीवान चंदेल ने बताया कि इन दिनों निजी स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण में पाया गया है कि अधिकतर स्कूलों में पीटीए का गठन नहीं किया गया है। ऐसे स्कूलों को पीटीए गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिले में कुल 245 पंजीकृत निजी स्कूल शामिल थे लेकिन अभी तक के निरीक्षण में 20 स्कूल कोविड के बीच बंद हो चुके हैं।