सोलन की जामा मसजीद मे नमाज अदा करते मुसलीम समुदाय के लोग। संवाद
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सोलन। जिले में ईद-उल-फित्तर पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। कोविड के दो वर्ष बाद मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय ने ईद की नमाज अदा की। इस बार मस्जिदों में लोग कम पहुंचे। यहां पर अधिकतर प्रवासी लोग रहते है। वे ईद मनाने के लिए घर चले गए हैं। सोलन, नालागढ़, बद्दी, परवाणू समेत रामशहर में ईद उल फित्तर की नमाज अता की गई।
लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी गई। ईद की नमाज में देश की खुशहाली, अमन चैन की दुआएं भी मांगी। ईद के चांद के दीदार के बाद समुदाय के लोगों ने सोलन समेत दूसरी मस्जिदों में नमाज पढ़ी।
इसमें क्षेत्र के करीब 1800 मुस्लिम समुदाय समेत अन्य लोगों ने भी भाग लिया। जामा मस्जिद के मौलाना मुहम्मद यूनुस ने नमाज अदा करवाई। नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। एक-दूसरे को मिठाइयां और सेवइयां बांटकर खुशी मनाई। मुस्लिम ने पवित्र महीने में अल्लाह की इबादत की और रोजे रखे।
इंसानियत का देता है पैगाम
मौलाना मुहम्मद यूनुस ने कहा कि ईद उल फितर दुनिया को इंसानियत का पैगाम देती है। ईद दिलों को जोड़ती है। ईद प्यार और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ईद उल फितर की नवाज में उन्होंने देश की एकता, अखंडता और शांति के लिए दुआ मांगी। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से आह्वान किया कि वह देश में अमन शांति और भाईचारे का संदेश दें और समाज निर्माण में योगदान दें।