सोलन। अब बिजली गुल होने पर भी क्षेत्रीय अस्पताल में आक्सीजन की आपूर्ति होती रहेगी। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के साथ-साथ अब सिलिंडरों से भी आपातकाल में सप्लाई दी जा सकेगी।
इसके लिए प्रशासन सिलिंडरों के साथ डायरेक्ट पाइप लाइन (मेनिफोल्ड) जोड़ने का काम पूरा कर लिया है। अस्पताल में मेनिफोल्ड को भी आक्सीजन प्लांट की तरह सभी वार्डों के साथ जोड़ा गया है ताकि आक्सीजन सप्लाई बाधित न हो सके। अब अगले सप्ताह से अस्पताल में कंपनी पाइपों की टेस्टिंग शुरू करेगी। इसमें आक्सीजन की लीकेज और अन्य चीजों का पता लगाया जाएगा। साथ ही यह देखा जाएगा कि ऑक्सीजन की सप्लाई सभी बेड तक ठीक पहुंच रही है। टेस्टिंग पूरी होते ही मरीजों को बिस्तर पर आक्सीजन मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद वार्डों में सुचारू रूप से आक्सीजन की सप्लाई दी जाएगी।
चिकित्सा अधीक्षक सोलन डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि 192 बिस्तरों पर ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। मेनिफोल्ड को भी बिछाई गई ऑक्सीजन पाइप से जोड़ा जा चुका है। जल्द ही टेस्टिंग व अन्य कार्य पूरा कर मरीजों को आक्सीजन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
192 बेड से जोड़ी है सप्लाई
क्षेत्रीय अस्पताल में 192 बिस्तरों को आक्सीजन के साथ जोड़ा गया है। सीपीडब्ल्यूडी की टीम ने इस कार्य को फरवरी माह के मध्य में शुरू किया था। अब यह कार्य लगभग पूरा कर लिया है। अस्पताल की ओर से सौंपी ड्राइंग के अनुसार कार्य किया गया है। खास बात यह है कि इस पाइप को बिछाने के लिए किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ भी नहीं की गई है। न ही यह पाइप किसी में बाधा उत्पन्न कर रही है। आक्सीजन के सुचारू चलने के बाद भारी भरकम आक्सीजन सिलिंडरों को खिंचने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। वहीं ऑक्सीजन की कमी भी नहीं खलेगी।
आपातकालीन कक्ष के पास बनाया कमरा
क्षेत्रीय अस्पताल में आपातकालीन कक्ष के पास ही मेनिफोल्ड लगाया है। इससे खाली और भरे हुए सिलिंडरों को आसानी से अंदर बाहर भी किया जा सकता है। इससे पहले अस्पताल के सीसीयू कोविड वार्ड और शिशु वार्ड में मेनिफोल्ड लगाया गया था और पीएसए प्लांट से मेडिकल वार्ड, स्पेशल वार्ड, सीसीयू, कोविड सीसीयू वार्ड समेत अन्य वार्डों में आक्सीजन की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। लेकिन अब यह सुविधा पूरे अस्पताल में मिलनी शुरू हो जाएगी।
मेनिफोल्ड में लगाए 40 डी-टाइप सिलिंडर
पूरे अस्पताल में ऑक्सीजन लाइन बिछाने के लिए लगभग 96 लाख 56 हजार की राशि खर्च की गई हैं। मेनिफोल्ड में डी-टाइप के 40 सिलिंडर लगाए हैं। लाइट जाने या किसी अन्य कारणों को देखते मेनिफोल्ड की व्यवस्था की गई है। इससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचेगा।