सोलन क्षेत्रीय अस्पताल में खाली पड़ा कोविड वैक्सीनेशन केंद्र। संवाद
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सोलन। स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन लगाने वालों की भीड़ कम होने लगी है। संख्या कम होने से अब विभाग को वैक्सीन की डोज पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
क्योंकि वैक्सीन की एक शीशी में 10 डोज होती हैं। शीशी के खुलते ही यह डोज लगानी पड़ती है। यदि इसमें देरी हो जाए तो वैक्सीन खराब हो जाती है। लेकिन केंद्रों में कम लोगों के आने से अब ग्रामीण क्षेत्रों के कई सेंटर बंद करने पड़ गए हैं। लोगों को अब बड़े सेंटरों में भेजा जा रहा है। यह समस्या खासकर 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आ रही है। इस वर्ग में ज्यादातर लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। ऐसे में जो सेंटर खोले गए हैं। वहां पर मुश्किल से शाम तक बहुत कम लोग पहुंच रहे हैं। यदि लोग सेंटर में पहुंच भी जाएं तो उन्हें यहां पर घंटों वैक्सीन लगवाने के लिए रुकना पड़ता है।
गौर हो कि कोविड की रोकथाम पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण अभियान सफल रहा है। पूरे प्रदेश भर में सोलन जिला पहली और दूसरी डोज लगाने में अव्वल रहा लेकिन इस बीच जिला भर में कोविड वैक्सीन लगाने वालों की रफ्तार कम होती जा रही है। टीकाकरण केंद्रों पर कम लोग ही वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि कोविड वैक्सीन की एक शीशी से एक साथ दस लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। कई जगहों पर लोगों की संख्या पूरी करने में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्य अस्पतालों को छोड़ कर अन्य स्थानों पर कई टीकाकरण केंद्रों को बंद कर दिया गया है।