संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। कुंडलू पंचायत के ऊंटपुर गांव में शराब ठेके के विवाद में उपमंडलाधिकारी की जांच में सामने आया है कि पंचायत की एनओसी के बाद ही ठेका खोला गया है। इसके लिए पंचायत ने सदस्यों की सहमति के बाद एनओसी दी थी।
बुधवार को एसडीएम ने जांच कर रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी है। मंगलवार को नालागढ़ में मोदी के कार्यक्रम के पहुंचीं उपायुक्त के सामने ग्रामीणों ने ठेके के विरोध में प्रदर्शन किया था। इसके बाद उपायुक्त ने जांच के आदेश दिए थे।
उधर, कुंडलू पंचायत प्रधान अमरजीत कौर ने बताया कि पहले सभी वार्ड सदस्यों की सहमति से पंचायत ने एनओसी दी थी लेकिन बाद में युवक मंडल ने स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बाद इसे रद्द करने का प्रस्ताव भेजा था।
ऊंटपुर क्लब के प्रधान जगदीश, जनौन के प्रधान भजन सिंह, बीडीसी अजमेर सिंह, वार्ड पंच रामपाल, कमलेश और निशा ने बताया कि पंचायत ने पहले एनओसी दी थी। जब स्थानीय लोगों ने ठेके का विरोध किया तो पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर फरवरी में इसे रद्द कर दिया था। इसकी प्रतिलिपि संबंधित विभाग को दी थी।
आबकारी एवं कराधान विभाग के ईटीओ पवन कुमार ने बताया कि पंचायत की एनओसी मिलने के बाद ही यहां पर ठेका खोला गया था। इस पंचायत में अवैध शराब के सबसे अधिक मामले होने से विभाग ने यहां पर ठेका खोलने का प्रस्ताव रखा था जिस पर पंचायत ने मुहर लगा दी थी। अगर पंचायत अब इसे रद्द करने की प्रस्ताव देती है तो इस पर विचार किया जाएगा।
एसीडीएम महेंद्र पाल गुज्जर ने बताया कि कुंडलू पंचायत के ऊंटपुर गांव में खुले ठेके के मामले की जांच कर रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी है। उपायुक्त के आदेश मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।