करीब डेढ़ सौ छात्रों और उनके अभिभावकों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
सुबाथू(सोलन)। सुबाथू कॉलेज के सरकारी अधिग्रहण की अधिसूचना रद्द करने के सरकार के फैसले पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। इससे सुबाथू कालेज में पढ़ने वाले 150 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। वहीं उच्च न्यायालय में इसमें 03 जनवरी 2024 तक जवाब मांगा है। मामले में कालेज के छात्र अभिभावक एसोसिएशन ने याचिका उच्च न्यायालय में दायर की थी। वहीं उच्च न्यायालय में इसमें तर्क दिया कि कालेज में करीब 150 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिसमें 90 से 95 लड़कियां हैं। वहीं इसमें ज्यादात्तर विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति के हैं। वहीं अब छात्रों की परीक्षाओं का समय है। ऐसे में इस तरह से काॅलेज की अधिसूचना रद्द करना सही नहीं है।
उधर, सुबाथू कॉलेज के पूर्व सचिव मनीष गुप्ता ने कहा कि उच्च न्यायालय ने केस नंबर सीडब्ल्ब्सी नंबर 9781/2023 के तहत सुबाथू के सरकारी अधिग्रहण की अधिसूचना रद्द करने मामले में रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इससे छात्र-छात्राओं व अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। वहीं कॉलेज प्रधानाचार्य ने कहा कि जैसे ही उनके पास आदेश पहुंचेंगे वह कक्षाएं शुरू कर देंगे।
गौर रहे कि पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से ठीक पहले कॉलेज को सरकारी दर्जा दिया था। कॉलेज में सरकारी पट्टिका लगने के बाद सुबाथू सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से छात्र छात्राओं ने दाखिला करवाया था। लेकिन परीक्षा के बीच में ही सरकार ने सुबाथू कॉलेज का सरकारी दर्जा समाप्त करने का फरमान जारी कर दिया। जिसके बाद सुबाथू सहित आसपास के ग्रामीण ने सरकार के फैसले से नाराज होकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।