संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बद्दी में नाबालिग को बहला फुसलाकर दुष्कर्म करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परविंदर अरोड़ा की अदालत ने दोषी को 14 साल की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी को 25 हजार जुर्माना भरने के भी आदेश दिए हैं।
इसके अतिरिक्त नाबालिग को बहलाने और व्यक्ति का साथ देने के मामले में सीमा नाम की युवती को सात साल की सजा और पांच हजार जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की एवज में दोनों को एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वीरवार को मामले में दोनों को सजा दी गई।
जानकारी के अनुसार यह केस सरकार बनाम सीमा था। इसमें 15 सितंबर 2016 को एक व्यक्ति ने थाना बद्दी में शिकायत दर्ज करवाई कि उसकी 16 वर्षीय बेटी घर से गायब है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। शिकायतकर्ता को शक था कि पड़ोस की रहने वाली सीमा और लवली उनकी बेटी को बहला फुसलाकर ले गए हैं।
पुलिस ने छानबीन में पाया कि लड़की नाबालिग है। उन्होंने पोक्सो एक्ट की धार-4 के तहत मामला दर्ज किया। मामले की सुनवाई के दौरान कई गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि दोषी लवली ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया जबकि सीमा ने उसे बहलाया फुसलाया। गवाह और सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई।