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Solan News: जिले में प्रदूषणयुक्त पटाखे बेचने और चलाने पर होगी कार्रवाई

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एनजीटी के आदेशों के बाद प्रशासन की टीम सतर्क, करेंगे जांच
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आज से जिलेभर में लगेंगे पटाखा की बिक्री के लिए कई जगह स्टॉल
युवा बोले, ग्रीन पटाखे अच्छी पहल, बाजार में भी बिक्री हो बंद
संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस बार केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इसका जिम्मा सौंपा है कि कोई दुकानदार दूसरे पटाखे न बेच सके। साथ ही लोग भी पर्यावरण को हानि पहुंचाने वाले पटाखों को न चलाएं। पटाखे चलाने के लिए रात 08:00 से 10:00 बजे का समय तय किया है।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक भी इन आदेशों को लागू करवाएंगे। बड़ा सवाल यह है कि लोगों को यह जानकारी नहीं है कि ग्रीन पटाखा कौन सा है प्रदूषण फैलाने वाला कौन सा। साथ ही ज्यादातर कारोबारी पटाखे पहले ही खरीद चुके हैं। ऐसे में अब उनका स्टॉक रोकना भी प्रशासन के लिए चुनौती होगा। कारोबारी पटाखों की खरीद कई दिनों पहले कर चुके हैं। स्टोर में पहले ही पटाखे रखे जा चुके हैं। आज से दिवाली को लेकर पटाखा बिक्री के लिए जिलेभर में स्टॉल लगेंगे। इसके लिए प्रशासन ने पहले ही जगह तय कर दी है। अब यह देखना होगा कि यहां पर कितने स्टॉल पर ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे।
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पहले पटाखे बनने पर लगे रोक

दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। सबसे पहले पटाखे तैयार करने वाली फैक्ट्रियों पर रोक लगनी चाहिए। मैदानी क्षेत्रों के साथ अब पहाड़ी क्षेत्रों में भी वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। विवेक शर्मा, स्थानीय युवा

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लोगों को भी होना पड़ेगा सचेत

पटाखों से ध्वनि सहित वायु प्रदूषण फैलता है। लोगों को स्वयं भी प्रकृति को लेकर सचेत होना पड़ेगा। हालांकि बाजार में कारोबारी ग्रीन पटाखे रखने का दावा करते हैं लेकिन अधिकतर पटाखे प्रदूषण फैलाने वाले होते हैं। -संदीप, निवासी अर्की

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लोगों को भी दे जानकारी

ग्रीन पटाखों के प्रति प्रशासन को भी लोगों को जागरूक करना चाहिए। प्रदूषण वाले पटाखों का पूर्ण रूप से प्रतिबंध होना चाहिए। हालांकि लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि बाजार में बिकने वाले कौन से पटाखे ग्रीन हैं और कौन से प्रदूषणयुक्त। -सौरभ शर्मा, निवासी कथेड़

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बच्चे और वरिष्ठ नागरिकों पर अधिक प्रभाव

प्रदूषणयुक्त पटाखे न फोड़ने की एनजीटी की सराहनीय पहल है। पटाखों से जहां ध्वनी, वायु प्रदूषण होता है वहीं बच्चों और बुजुर्गों पर भी इसका हानिकारक प्रभाव पड़ता है। सांस से संबंधित रोगियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। -अंकित, निवासी क्लीन सोलन
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उपमंडलाधिकारी करेंगे जांच :उपायुक्त
जिला में ग्रीन पटाखे ही चलाए जाएंगे। इसके लिए पहले ही आदेश जारी किए जा चुके हैं। जिले के सभी एसडीएम अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पटाखों के भंडारण, बिक्री और प्रदर्शनी का अनुश्रवण एवं नियंत्रण करेंगे। -मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन
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