बद्दी (सोलन)। नगर परिषद बद्दी की ओर से पिछले सप्ताह करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को लेकर ऑनलाइन टेंडर मांगे गए थे, जिसे लेकर कई ठेकेदारों ने आवेदन किया था। दावा किया जा रहा है कि जब टेंडर खुले तो इसमें तीन ठेकेदारों के टेंडर गायब थे। इसमें प्रिया ठाकुर के 8 टेंडर, ठेकेदार पवन कुमार के 10, गुरदास चंदेल के 12 टेंडर गायब थे। आवेदनकर्ताओं ने दावा किया कि आवेदन के लिए जो शर्तें रखी थी, उनको पूरा किया और हर बार की तरह कार्यालय में रखे गए बॉक्स में डाला गया था, लेकिन जब टेंडर खुले तो वहां पर उनके टेंडर ही गायब पाए गए।
वार्ड पार्षद तरसेम चौधरी ने कहा यह पहला मौका है जब इस तरह का घटना यहां पर घटी है। कहा कि वे शुरू से ही नप में हो रहे घोटालों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा, लेकिन अगर यह नहीं रुका तो नप बद्दी के खिलाफ जन आंदोलन चलाया जाएगा। पार्षद सुरजीत चौधरी ने भी इस घटना पर आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा कि इस तरह टेंडर गायब होने का मतलब है कि नप चाहती है कि ऑनलाइन कोई काम न हो ऑफलाइन टेंडरों को बढ़ावा देकर अपने चहेतों को मनमर्जी के रेट देकर कार्य दिए जाएं। वार्ड पार्षद मोहन सिंह ने इस घटना को निंदनीय बताया है।
उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी रणधीर वर्मा का कहना है कि जिन लोगों ने भी ऑनलाइन टेंडर भरे हैं। उन लोगों ने इसकी हार्ड कॉपी नगर परिषद में नहीं दी है। अगर दी होती तो यहां जरूर होती, परंतु जब बॉक्स खोला गया तो उसमें तीन लोगों के दस्तावेज पूरे नहीं थे इसलिए टेंडर रद्द कर दिए गए हैं।