डायरिया की रोकथाम के लिए बनाई आशा वर्कर की 6 टीमें
घर-घर जाकर बांटी जा रही क्लोरिन की गोलियां और ओआरएस
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। परवाणू क्षेत्र में डायरिया के मामले लगातार पहुंच रहे हैं, ईएसआई अस्पताल में मंगलवार को 11 डायरिया के मरीज पहुंचे। इसके अलावा कई मरीज निजी अस्पताल में पहुुंचे। ईएसआई अस्पताल अब तक डायरिया के 200 मरीज पहुंच चुके हैं, जबकि निजी अस्पतालों में 100 से अधिक मरीज अपना इलाज करवा रहे हैं।
परवाणू में डायरिया की रोकथाम को लेकर छह टीमें मंगलवार को जांच के लिए सभी क्षेत्रों में पहुंची। सभी टीमों में आशा वर्करों को शामिल किया गया है, जो घर-घर जाकर क्लोरिन की गोलियां, उलटी-दस्त की दवाई और ओआरएस दवाइयां बांट रही हैं
इसके साथ ही हर घर में डेंगू, और उल्टी-दस्त से बचाव तथा रोकथाम व सावधानी के बारे मे पेंपलेट भी बांटे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू लारवा डिटेक्शन कार्यक्रम के तहत परवाणू में 298 घरों की 306 पानी की टंकियों से पानी भरा। इनमें 67 ड्रम, 17 कूलर्स और 61 रेफ्रिजरेटर्स की जांच की। नगर परिषद ने भी शहर में फॉगिंग और सफाई का कार्य तेज कर दिया है। नगर परिषद के कर्मचारियों ने मंगलवार को परवाणू के वार्ड-5 (सेक्टर-6) में फॉगिंग की और साफ सफाई का कार्यक्रम चलया।
उधर, धर्मपुर स्वास्थ्य खंड अधिकारी डॉ. कविता शर्मा ने बताया कि आशा वर्करों की छह टीमें परवाणू क्षेत्र में पानी के दवाएं बांटने का कार्य कर रही हैं। इसमें पानी की जांच भी की जा रही है। जल्द ही डायरिया को कंट्रोल कर लिया जाएगा।