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अमर उजाला शिक्षा अभियान: परीक्षा देने के लिए मास्क-सैनिटाइजर के साथ पहुंचे विद्यार्थी

Sun, 27 Mar 2022 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन

सार

अमर उजाला ने कोविड से शिक्षा पर प्रभाव का ग्राउंड पर जायजा लिया। शनिवार को बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा जिले के 147 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गई है। सोलन छात्रा स्कूल में परीक्षा के लिए विशेष इंतजाम किया हुआ था।
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शिक्षा अभियान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोविड के बीच स्कूलों में परीक्षा लेने का तरीका भी बदल गया। बोर्ड और पेन के अलावा अब परीक्षा हॉल में दाखिल होने से पहले मास्क लगाना जरूरी हो गया है। वहीं परीक्षा केंद्र के बाहर लगे सैनिटाइजर के अलावा विद्यार्थी अपना निजी सैनिटाइजर भी साथ ला रहे हैं।

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परीक्षा केंद्रों में भी बार-बार बच्चों को कोरोना नियम बताए जा रहे हैं। वहीं दो साल तक चली ऑनलाइन पढ़ाई से ने बच्चों की लिखने की रफ्तार कम कर दी है। इसी तरह पहले परीक्षा से कुछ मिनट पहले सीटिंग प्लान तैयार किया जाता था। अब एक घंटा पहले बच्चों को बुलाया जाता है। मास्क, सामाजिक दूरी समेत हैंड सैनिटाइज करने के बाद ही विद्यार्थियों का प्रवेश परीक्षा हॉल में करवाया जा रहा है।

अमर उजाला ने कोविड से शिक्षा पर प्रभाव का ग्राउंड पर जायजा लिया। शनिवार को बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा जिले के 147 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गई है। सोलन छात्रा स्कूल में परीक्षा के लिए विशेष इंतजाम किया हुआ था।
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परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले प्रवेश द्वार पर विद्यार्थियों को हैंड सैनिटाइज करवाया गया। इसके बाद मास्क और सामाजिक दूरी बनाए रखने की जानकारी विद्यार्थियों को दी जा रही है। परीक्षा हॉल में मास्क पहनकर विद्यार्थियों को पेपर देना पड़ रहा है जबकि कोविड से पहले ऐसा कुछ नहीं था।

पेपर था आसान लेकिन लिखने की स्पीड रही कम
प्रिया ने बताया कि उनका विज्ञान का पेपर प्रथम चरण से आसान था। घर पर ऑनलाइन कक्षाएं लगाने से लिखने की स्पीड थोड़ी कम हो गई है। परीक्षा के पूरे समय में लिखने का ही काम हो सका, पेपर रिवाइज नहीं कर सकी।

मास्क लगाने को कहते रहे अध्यापक
शालू ने बताया कि परीक्षा में पहले शोर नहीं करने के लिए अध्यापक बोलते थे लेकिन अब कोविड एसओपी के पालन के लिए बोल रहे हैं। बिना मास्क लगाए परीक्षा हॉल में प्रवेश भी नहीं करवाया जा रहा।

कक्षाओं में पढ़ाई से आसान लगा पेपर
अंशुल ठाकुर ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद विषय की 50 प्रतिशत पढ़ाई कक्षाओं में की है। इससे कक्षाओं में पढ़ाए विषय आसानी से समझ आ गए। अब परीक्षा में लिखने की स्पीड को छोड़कर अन्य कोई परेशानी नहीं आई।

ऑनलाइन पढ़ाई में नहीं लग रहा था मन
रिया ने बताया कि कोविड के बीच परीक्षा ऑनलाइन कक्षाओं में मन नहीं लगता था। अब स्कूल में कक्षाएं शुरू होने के साथ पेपर भी हो रहे हैं। ऑनलाइन से लिखने का अभ्यास कम रहा जिसका असर परीक्षा में देखने को मिल रहा है।

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