राजगढ़ (सिरमौर)। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के राजगढ़ उपमंडल में कोई भी नियमित कनिष्ठ अभियंता नहीं है जिससे सारा विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है। गर्मियों के मौसम में उपभोक्ताओं को पेयजल आपूर्ति करवाने में विभाग को स्टाफ के अभाव में भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। चार पद कनिष्ठ अभियंता के हैं जो पिछले काफी समय से रिक्त पड़े हैं। विभाग ने एक कनिष्ठ अभियंता को शिमला कार्यालय से यहां अस्थायी तौर पर हाल ही में भेजा तो है पर अभी तक चार्ज ही नहीं लिया है।
वहीं, नौहराधार के एक कनिष्ठ अभियंता पर कार्य का अतिभार पड़ रहा है। चारों सेक्शनों का अतिरिक्त कार्यभार उनको सौंपा हुआ है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे व क्या कार्य वह कर पाएंगे। ऐसी व्यवस्था से राजगढ़ उपमंडल में कुछ कार्य नहीं हो पा रहा है। नौहराधार सेक्शन का कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। प्रदेश सरकार स्वच्छ पेयजल देने और पीलिया रोग की रोकथाम का दावा तो खूब कर रही है, पर दूसरी तरफ बिना स्टाफ के विभाग की फजीहत हो रही है। उपभोक्ताओं को गर्मियों के मौसम में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना विभागीय प्राथमिकता रहती है लेकिन, जेई के इतने अधिक पद रिक्त पड़े हैं जिससे विभाग के आला अधिकारियों को भी असुविधा हो रही है।
उधर, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग राजगढ़ के सहायक अभियंता एसके गुप्ता से संपर्क करने पर उन्होंने खाली पद होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जेई को शिमला कार्यालय के डिजाइन ब्रांच से यहां भेजा है। बाकी कार्यभार नौहराधार के कनिष्ठ अभियंता के पास ही है। स्टाफ की कमी के कारण विभाग का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है।