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Sirmour News: चेक बाउंस में दोषी को भुगतनी होगी 6 महीने की सजा

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24 जून 2024 को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनाई थी सजा और 1.20 लाख का जुर्माना
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सत्र न्यायालय ने खारिज की अपील, ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया

संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराए गए अंकित गुप्ता को सत्र न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी।

मामला मई 2018 का है। शिकायतकर्ता जोगिंदर सिंह ने आरोपी अंकित गुप्ता को मई, 2018 में एक लाख रुपये की नकद राशि उधार दी थी। तय समय पर रकम वापस न करने पर आरोपी ने एचपी ग्रामीण बैंक, सतौन शाखा का एक पोस्टडेटेड चेक दिया। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया।
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इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इस पर न्यायिक दंडाधिकारी (जेएमएफसी) पांवटा साहिब की अदालत में परिवाद दायर किया गया। 24 जून 2024 को ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को एनआई एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा और 1.20 लाख का जुर्माना लगाया था।
अपील के दौरान आरोपी की ओर से दलील दी गई कि चेक का दुरुपयोग किया गया है और यह चेक किसी कमेटी (किट्टी पार्टी) से संबंधित था। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया का पूर्ण पालन किया है और चेक जारी करने व उसके बाउंस होने के तथ्य प्रमाणित हैं। ऐसे में निचली अदालत का फैसला सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी गई।
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एनडीपीएस मामले में जब्त ट्रक सुपुर्दगी पर छोड़ा
नाहन। एनडीपीएस एक्ट मामले में पुलिस की ओर से जब्त किए गए ट्रक को अदालत ने सुपुर्दगी पर छोड़ने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश ने यह आदेश ट्रक मालिक मोहित शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किए। यह मामला 8 जनवरी 2026 को पुलिस थाना पांवटा साहिब में दर्ज है। पुलिस ने एनडीपीएस मामले में अशोक लेलैंड ट्रक को जब्त किया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वाहन खुले परिसर में खड़ा होने के कारण खराब होने की आशंका है। पुलिस की ओर से भी वाहन की रिहाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए ट्रक को 15 लाख रुपये के सुपुर्दगी बांड और समान राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही शर्तें लगाई गईं कि वाहन न बेचा जाएगा, न उसमें कोई बदलाव किया जाएगा।
संवाद
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