जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। उपायुक्त सुमित खिमटा ने कहा कि सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह प्रतिबंधित किया है। अब इसे किसी भी रूप में प्रयोग करने वाले संस्थान अथवा व्यक्ति को दंडित किया जाएगा।
प्रतिबंधित के बावजूद बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग के कुछ मामले सामने आ रहे हैं जो चिंताजनक है। उपायुक्त नाहन में नॉन बायोडिग्रेडेबल एक्ट 1995 के तहत गठित जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मानवीय जीवन के लिए हानिकारक है। इससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को हर हाल में रोकने के लिए सप्ताह में कम से कम एक या दो बार सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों का औचक निरीक्षण सुनिश्चित बनाया जाए। दोषियों को नियमानुसार दंडित किया जाए।
प्लास्टिक के नुकसान को देखते हुए जनहित में आमजन को भी अपनी आदतों को बदलना होगा तभी इसका प्रयोग रुक सकेगा। सिंगल यूज प्लास्टिक को रोकने के लिए सीनियर सिटीजन, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थानों, युवा क्लबों, ईको क्लब, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न स्तर पर कार्यरत पर्यावरण संस्थाओं और पर्यावरण प्रेमियों को आगे आना चाहिए।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त मनेश यादव, एसडीएम नाहन रजनेश कुमार, डीएफएससी विजय सिंह, जिला महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र साक्षी सत्ती, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पवन शर्मा समेत विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इन पर प्रतिबंध
उपायुक्त ने बताया कि अधिसूचना के अनुसार निर्धारित साइज और मोटाई से कम वाले सभी प्रकार के प्लास्टिक कैरी बैग, प्लास्टिक कप, थर्मोकोल के ग्लास, कटलरी जैसे चम्मच, कटोरी, स्ट्रा, ट्रे, प्लास्टिक के इयर बड, प्लास्टिक फ्लैग, कैंडी स्टिक्स, आईसक्रीम स्टिक्स, 100 माईक्रोन से कम वाले प्लास्टिक पीवीसी बैनर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।