पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में हर वर्ष लाखों श्रद्धालुगण और पर्यटक पहुंचते हैं लेकिन शहरी क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक संपर्क सड़कों की दशा बेहद खस्ताहाल हो चुकी है। इन सड़कों पर इतने गड्ढे हो चुके हैं कि पैदल और दोपहिया वाहन से चलना कठिन हो रहा है।
हैरानी की बात तो यह है कि विश्वकर्मा चौक से मिनी सचिवालय और मुख्य बाजार की तरफ जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर हल्की बारिश होने पर कीचड़ की कीचड़ हो रहा है। जल निकासी योजना कार्य की गलत समय पर खुदाई के बाद हालत और भी बदतर हो चुके हैं।
पांवटा निवासी मीत सिंह ठाकुर, सुनील शर्मा, राजू शाह, आकाश गोयल, बीएस धीमान, रजत, हरीश कुमार, राजेंद्र सिंह और संजीव कुमार ने बताया कि लघु सचिवालय, विश्राम गृह, गुरुद्वारा साहिब और मुख्य बाजार को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों की ही दशा बहुत खराब है। बाहरी राज्यों से अब श्रद्धालुगण और पर्यटक भी आने शुरू हो चुके हैं लेकिन विश्वकर्मा चौक से बस स्टैंड परिसर, गीताभवन तक सड़क पर गड्ढों और मिट्टी के ढेर लगे हैं।
बरसात शुरू होने से पहले जल निकासी नाली योजना की पाइप दबाने का कार्य शुरू कर दिया गया। इसकी हालत और भी खराब हो चुकी है। पाल जूस कॉर्नर से लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह मार्ग, बाल पार्क से गुरुद्वारा मार्केट होकर तहसील कार्यालय से पोस्ट ऑफिस कार्यालय तक सड़क टूट चुकी हैं।
बाहरी राज्यों से पांवटा पहुंचे श्रद्धालुओं बबली, स्वाति, यशवंत सिंह, स्वर्ण सिंह, त्रिलोक सिंह, मनोहर सिंह और ख्याली राम ने बताया कि विश्वकर्मा चौक से बस स्टैंड, गीता भवन से मुख्य बाजार जाने वाले मार्ग पर पैदल तक चलना कठिन है। पांवटा से शिलाई मार्ग-707 भी शहरी क्षेत्र में बद्रीपुर से तारुवाला तक डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर हर तरफ सड़क में गड्ढे हैं। इस मार्ग की हालत सुधारने को ब्लॉक कांग्रेस अल्टीमेटम भी दे चुकी है लेकिन सड़क की हालत जस की तस ही बनी हुई है। नायब तहसीलदार और ईओ पांवटा नगर परिषद रणजीत सिंह बेदी ने कहा कि बरसात के बाद इन संपर्क सड़कों की हालत सुधार दी जाएगी।
-------