शिलाई-पांवटा नेशनल हाईवे पर हुए भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग बहाल करने में लगी मशीनरियां।
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नाहन (सिरमौर)। पांवटा साहिब-शिलाई नेशनल हाईवे बड़वास के समीप हुआ भूस्खलन चूना पत्थर के लिए हुए खनन की वजह से हो सकता है। भूस्खलन के लिए मौके पर जांच करने पहुंची भू-वैज्ञानिकों की टीम ने ऐसी आशंका जताई है।
अध्ययन के बाद भू-वैज्ञानिकों ने उपायुक्त सिरमौर रामकुमार गौतम को रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में निदेशक इंजीनियरिंग भू-विज्ञान मनोज कुमार ने जानकारी दी है कि उनके साथ भू-विज्ञानी पी. जगन और सहायक भू-विज्ञानी ए. पुनिया इस टीम में शामिल रहे।
टीम ने अध्ययन में पाया गया कि भूस्खलन स्थल पर पहले चूना पत्थर के लिए माइनिंग होती रही है, जिस वजह से उस क्षेत्र की भूमि को क्षति पहुंची होगी। भूस्खलन से दो दिन पहले हुई तेज बारिश के रिसाव की वजह से पहाड़ का कुछ हिस्सा अपनी जगह से खिसक गया। मनोज कुमार ने बताया कि टीम ने अध्ययन में पाया है कि सड़क की मौजूदा अलाइनमेंट पर ही पहाड़ की कटाई और खाली हिस्से को भरने से सड़क को पुन: बनाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, इस कार्य से बड़वास गांव को भी कोई खतरा नहीं होगा।
उपायुक्त रामकुमार गौतम ने बताया कि जहां भूस्खलन हुआ था उसी जगह फिर से सड़क निकाली जा रही है। सड़क निर्माण कार्य से बड़वास गांव को कोई खतरा नहीं होगा। उपायुक्त ने कहा कि टीम के अनुसार पहाड़ की कटाई और खाली हिस्से को भरने से सड़क को पुन: बनाया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय/राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक सप्ताह के भीतर यातायात बहाल होने का आश्वासन दिया है।
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