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जरवा में धार्मिक अनुष्ठान में उमड़ा आस्था का सैलाब

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जरवा में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जुटी भीड़। रासा पर थिरकते श्रद्धालु। - फोटो : NAHAN
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हरिपुरधार (सिरमौर)। करीब 20 लाख की लागत से जरवा में शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया है।
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इस मौके पर आधा दर्जन पंचायतों के चार हजार लोगों ने शिरकत की। वीरवार सुबह सात बजे से पहले मंदिर की छत पर खुनेवड़ स्थापित किया गया। इसके बाद मंदिर निर्माण की आखिरी रस्म अदा की गई। मंत्रोच्चारण और भोले शंकर के जयकारों के साथ खुनेवड़ स्थापित करने का कार्य शुरू हुआ।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर सैकड़ों भक्तों ने शिव महिमा का गुणगान करते हुए रस्म अदा की। इस धार्मिक अनुष्ठान में आस्था का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जरवा गांव दिनभर शिव भक्ति में डूबा रहा। लोगों ने रासा नृत्य पेश करके खूब मनोरंजन किया। शांद में आए श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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खेत में मिली थी शिव प्रतिमा
पुजारी दुलाराम शर्मा ने बताया कि करीब 400 वर्ष पहले गांव के एक व्यक्ति को खेत में हल जोतते वक्त शिव प्रतिमा मिली थी। प्रतिमा मिलने के बाद सपने में उसे गांव में शिव मंदिर का निर्माण और प्रतिमा स्थापित करने के आदेश हुए। उसके बाद चार गांव के लोगों ने जरवा में शिव मंदिर का निर्माण किया।
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मंदिर में मूर्ति स्थापित की गई। इसी गांव के प्रोफेसर वेद प्रकाश, नरेश शर्मा और सुरेश सिंगटा ने बताया कि 400 वर्ष पुराना मंदिर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। चार वर्ष पहले चार गांव के लोगों ने पुराने मंदिर को गिराकर उसके स्थान पर भव्य मंदिर बनाने का निर्णय लिया था। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए कारीगरों को किन्नौर से बुलाया गया था। मंदिर में अद्भुत काष्ठकला की मिसाल कायम की गई है। निर्माण कार्य में ढाई वर्षों से अधिक वक्त लगा।
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