ददाहू (सिरमौर)। प्रदेश की एकमात्र प्राकृतिक झील श्रीरेणुकाजी को प्रदूषण से बचाने के लिए यहां शीघ्र ही सीवरेज प्लांट (मल निकासी योजना) तैयार किया जाएगा। इसको लेकर उपमुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्राकलन तैयार करने की निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि धार्मिक आस्था के चलते ऐतिहासिक रेणुकाजी तीर्थ में वर्ष भर पर्यटकों सहित लाखों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं।
साथ ही प्रति वर्ष कार्तिक मास में अंतरराष्ट्रीय मेले का आयोजन भी होता है। इसमें भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती तादाद के चलते रेणुका झील में प्रदूषण की संभावना भी बढ़ती जा रही है। इसके चलते यहां सीवरेज प्लांट को स्थापित करना समय की जरूरत बन गया है। इसको ध्यान में रखते हुए जल शक्ति विभाग ने 4.25 करोड़ की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (पीपीआर) तैयार की है। वहीं, नाहन दौरे के दौरान जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्थानीय विधायक विनय कुमार के आग्रह पर इस योजना में विस्तार करके मल निकासी के साथ-साथ जल निकासी योजना को भी शामिल करके विस्तृत प्राकलन तैयार करने के विभाग की मुख्य अभियंता अंजु शर्मा को निर्देश दिए हैं। इससे रेणुकाजी तीर्थ में मल (सीवरेज) के साथ-साथ जल निकासी (पीने का पानी) योजना को भी सुनिश्चित किया जा सके। उधर, जलशक्ति विभाग का मानना है कि इस कार्य में 2.01 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। जल निकासी और मल निकासी योजना में 6.26 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की जाएगी।
जल्द ही सरकार को सौंपी जाएगी डीपीआर
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप ठाकुर ने बताया कि कुछ माह पूर्व मुख्य सचिव के आदेश पर रेणुकाजी तीर्थ में मल निकासी के लिए 4.25 करोड़ रुपये की पीपीआर तैयार की गई थी लेकिन अब इस योजना में विस्तार करके जल निकासी योजना को भी उप मुख्यमंत्री के आदेशों पर शामिल किया जाएगा। इसकी डीपीआर तैयार करके विभाग के माध्यम से शीघ्र सरकार को सौंप दी जाएगी।