संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय नाहन में वीरवार को कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। राजकीय अवकाश के बावजूद प्रशासन, सरकार और विपक्ष के नेताओं समेत राजपूत संगठनों की ओर से कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया।
इससे नाहन के मालरोड पर स्थापित महाराणा प्रताप की प्रतिमा बिना किसी फूल माला के सूनी रही। यहां से गुजरने वाले लोगों के बीच भी चर्चा रही कि एक महान योद्धा की जयंती को उनका अनुसरण करने वाले लोग कैसे भूल गए। महाराणा प्रताप पराक्रम, त्याग, तपस्या और बलिदान की प्रतिमूर्ति रहे हैं। उनके बलिदान को हमेशा स्मरण किया जाता है। उन्हें राष्ट्र में त्यागी, तपस्वी, बलिदानी व्यक्ति रूप में जाना जाता है। ऐसे में उनकी जयंती के मौके पर किसी प्रकार का कार्यक्रम मुख्यालय व उनके प्रतिमा के पास न होना हैरान कर देना वाला है।
गौरतलब है कि गत वर्ष यहां महाराणा प्रताप जयंती पर राजपूत सभा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मर्तबा चंद लोग ही उन्हें सोशल मीडिया से बधाई देते नजर आए। उधर, महाराणा प्रताप जयंती न मनाए जाने पर सवर्ण समाज के लोगों में भी खासा रोष है। नया बाजार निवासी आशीष ठाकुर ने कहा कि महाराणा प्रताप की जयंती पर कोई कार्यक्रम न होना खेद का विषय है।
खासकर तब जब राजपूत संगठनों के लोग उनके पराक्रम और त्याग की बातेें करके उनके दिखाए रास्ते पर चलने का दम भरते हैं।
उधर, राजपूत सभा नाहन के अध्यक्ष सुखदेव सिंह चौहान ने माना कि चूक हुई है। सभा को जयंती मनाने की तारीखों के संदर्भ में असमंजस था। चूंकि पिछले माह जयंती नौ मई को थी।