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बागा, पताहर, बजीउन और कनौटी गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित

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सड़क सुविधा से वंचित नाहन विधानसभा की बनेठी पंचायत का दंधोली गांव। - फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। पूरा देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ का अमृत महोत्सव मना रहा है लेकिन जनपद सिरमौर के कुछ गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यहां न तो रहन-सहन बदला है और न ही गांव की तरक्की हुई। इन गांव में बसे लोग दशकों पुराना जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां बात की जा रही है नाहन विधानसभा क्षेत्र की बनेठी पंचायत की।
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इस पंचायत के बागा, पताहर, बजीउन, कनौटी और दंधोली गांव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी विकास की बाट जोह रहे हैं। आजतक प्रदेश में कई सरकारें आईं लेकिन इन गांवों को सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। हैरानी की बात है कि इन गांव से तकरीबन ढाई से तीन किलोमीटर की दूरी पर नाहन-शिमला नेशनल हाईवे भी है। बावजूद इसके यह गांव उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीण रमेश ठाकुर, राजेंद्र सिंह, राजेश, रामस्वरूप, शमशेर, जसमत, प्रदीप, राजेश कुमार, तपेंद्र सिंह, बलिंद्र सिंह और सुरेश आदि ने बताया कि कई बार प्रमुख दलों के नेताओं को सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया है लेकिन आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला। गांव के मरीज को आज भी चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। ग्रामीण अपनी नकदी फसलों को बाजार तक नहीं पहुंचा पाते।
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उन्होंने बताया कि सड़क न होने से सभी गांव विकास से भी कोसों दूर हैं। जंगल का रास्ता होने के कारण बच्चों को स्कूल भेजना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। प्रदेश सरकार भले ही घर-घर सड़कें पहुंचाने का दावे करती रही हों, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है।
उधर, पंचायत प्रधान बीना शर्मा ने बताया कि इन सभी गांव को जल्द ही सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। एफआरए के तहत विभाग से स्वीकृति ले ली गई है। बजीउन गांव के लिए सड़क बनाने कार्य शुरू कर दिया है। बागा आदि गांव के लिए भी एफआरए के तहत मंजूरी ली जा रही है। दो तीन फंड से पंचायत इस कार्य को करवा रही है।
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