नाहन (सिरमौर)। नाहन शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों के बिल भुगतान को लेकर बिजली बोर्ड और नगर परिषद आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल नगर परिषद पर विद्युत बोर्ड की देनदारी कई शुल्क समेत एक करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है।
साल 2016 से इस राशि का बिजली बोर्ड को भुगतान नहीं हो पाया है। यह राशि शहर में जगह-जगह लोगों की सुविधा के लिए लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों की है। इसको लेकर बोर्ड ने नगर परिषद को पत्र लिखा है, जिसमें कहा कि लंबित बिलों के भुगतान की जल्द अदायगी कराई जाए। लिहाजा, नगर परिषद ने भी अब बोर्ड को पत्र लिखा कि स्ट्रीट लाइटों का बिल माफ किया जाए। चूंकि, शहर में लगाई गईं स्ट्रीट लाइटें लोगों की सुविधा के लिए हैं। लोगों को सुविधा प्रदान करने का दायित्व जितना नगर परिषद का है, उतना बिजली बोर्ड का भी है।
दोनों महकमे जनसेवा के लिए ही कार्य कर रहे हैं। यदि फिर भी ऐसा नहीं किया जाता तो नगर परिषद की जमीन पर लगे ट्रांसफार्मरों का पांच हजार रुपये मासिक किराया लिया जाएगा। हाल ही में सदन ने इस बात पर सहमति जताई कि नाहन में नगर परिषद की भूमि पर बिजली बोर्ड के जितने ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, उसका किराया पांच हजार रुपये मासिक लेना उचित है। यह भी कहा गया कि बोर्ड यदि इसका किराया नहीं देना चाहता तो स्ट्रीट लाइट के बिल माफ कर दे।
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नप की जमीन पर तीन दर्जन ट्रांसफार्मर
नगर परिषद नाहन की जमीन पर तीन दर्जन के करीब ट्रांसफार्मर हैं। जबकि, शहर में कुल 145 ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। नगर परिषद अपनी जमीन पर लगे बोर्ड के ट्रांसफार्मर का कोई किराया वसूल नहीं करती लेकिन स्ट्रीट लाइटों का बिल का आंकड़ा बढ़ने के कारण अब नगर परिषद और बोर्ड में ठन गई है। फिलहाल यह साफ नहीं कि दोनों में आपसी सहमति नहीं बनी तो नप कब से किराया वसूलेगी। यह भी संभव नहीं है कि बिजली बोर्ड भी ट्रांसफार्मरों का किराया देगा। इस सूरत में परेशानी जनता को ही झेलनी पड़ सकती है।
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क्या कह रहे अधिकारी
ट्रांसफार्मर किराया संबंधी व्यवस्था पूरे राज्य में नहीं : सहायक अभियंता
बोर्ड के सहायक अभियंता केपी सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मरों के किराये संबंधी व्यवस्था पूरे राज्य में कहीं नहीं है। जमीन किसी की भी हो जनता को सुविधा दी जा रही है। नगर परिषद पर स्ट्रीट लाइटों की एक करोड़ राशि लंबित है।
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जनसुविधा ध्यान में रखते हुए लंबित राशि माफ हो : नप कार्यकारी अधिकारी
कार्यकारी अधिकारी नाहन नप संजय तोमर ने कहा कि ट्रांसफार्मर का किराया वसूलने को लेकर सदन में सहमति बनी है। इस बारे बोर्ड को लिखा गया है। अभी जवाब नहीं मिला है। बोर्ड को जनसुविधा ध्यान में रखते हुए लंबित राशि माफ करनी चाहिए।