प्रदेश में मजदूरों, मिड-डे मील वर्करों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं, आशा वर्करों, जल रक्षकों आदि को हरियाणा सरकार की तरह न्यूनतम मानदेय न मिलने पर प्रदेश के कामगार नाराज चल रहे हैं। प्रदेश एटक के राज्य उपाध्यक्ष इंद्रराणा ने एटक कार्यालय स्थित देवीनगर में कामगारों की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने बताया कि कामगारों की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्तालाप के लिए समय मांगा है। एटक प्रतिनिधियों को 29 मार्च को 11 बजे वार्तालाप के लिए शिमला बुलाया गया है। एटक राज्य उपाध्यक्ष ने प्रतिनिधियों से आह्वान करते हुए कहा कि मंगलवार को सभी प्रतिनिधि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी-अपनी शाखा का मांग पत्र साथ लेकर पहुंचे ताकि प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं सरकार पर दबाव बना कर हरियाणा और पंजाब राज्य की तरह न्यूनतम वेतन लागू किया जा सके।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह काहलों, जीत सिंह सैनी, सरवन सिंह सैनी, उजागर सिंह कपूर, जोगेंद्र पाल चौधरी, अमरजीत सिंह, मदनलाल, सुखदेव सिंह, राजेंद्र कुमार, हरदीप सैनी, रतीराम, कमलकांत, प्रवीण शर्मा, रणदेव मेहता, धर्म सिंह, प्रदीप राणा, लता शर्मा, किरण, शकुंतला देवी, खजान सिंह, दुग्गल चौधरी, अलीहसन, धनीराम, जीतराम, गुमान सिंह, सुरनू सिंह, ओमप्रकाश चौधरी, रण सिंह, धनवीर, हीरा सिंह, सेवक सिंह, बलविंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
---------------------------