सतौन (सिरमौर)। पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर बड़वास के समीप कालीढांक में भूस्खलन होने के बाद यातायात पूर्ण रूप से बंद हो गया है। भूस्खलन स्थल पर लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। लोगों पैदल ही अपने गंतव्यों का रुख करना पड़ रहा है। भूस्खलन वाले स्थल से पहाड़ी चढ़कर लोग एक छोर से दूसरे छोर पर पहुंच रहे हैं। इससे उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं। शनिवार को भी ग्रामीणों को अपना सामान और बच्चों के साथ पैदल यात्रा करते हुए देखा गया।
गौरतलब है कि पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर कालीढांक में अचानक भूस्खलन हो गया था। देखते ही देखते सड़क का करीब 150 मीटर हिस्सा खाई में समा गया। शनिवार को यहां भूस्खलन होता रहा। लिहाजा, एनएच विभाग सड़क बहाल करने का कार्य शुरू नहीं कर पाया। शिलाई से आने वाले मुसाफिरों को कफोटा से जाखना की ओर मोड़ा गया है।
लोग जाखना विकासनगर होते हुए पांवटा और अन्य जगह पर पहुंच रहे हैं लेकिन साथ लगती पंचायतों के ग्रामीणों को बड़वास से दो से तीन किलोमीटर पैदल सफर तय कर सड़क के दूसरे छोर पर पहुंचना पड़ रहा है। कुछ बुजुर्ग महिलाएं तो कुछ महिला अपने छोटे बच्चों को लेकर पैदल हेवना के पास पहुंची। कोई इलाज करवाने तो कोई जरूरी काम को करने निकल पड़ा। एनएच विभाग के प्रोजेक्ट निदेशक विवेक पांचाल ने बताया कि अभी भूस्खलन पूरी तरह रुका नहीं है। वहां पर पत्थर और मलबा गिर रहा है। भूस्खलन रुकने के बाद ही सड़क बहाली का कार्य शुरू हो सकेगा।
वैकल्पिक मार्ग पर नहीं चल रही निजी बसें
एनएच 707 के कालीढांक पर बंद होने के कारण प्रशासन ने कफोटा से जाखना, जोग, उत्तराखंड से पांवटा वाला रूट खोला है। क्षेत्र में ज्यादातर निजी बसें हैं लेकिन इस रूट पर निजी बसें नहीं चल रहीं। बस ऑपरेटरों को प्रतिदिन 2400 रुपये का टैक्स उत्तराखंड राज्य को देना पड़ रहा है। इस वजह से निजी बस ऑपरेटर बस नहीं चला रहे। निजी बस ऑपरेटरों के रवैये से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। एसडीएम पांवटा विवेक महाजन ने बस ऑपरेटरों के इस रवैये पर खेद जताते हुए कहा कि सभी को जिंदगी भर कमाना है। इस मुसीबत के समय कमाई नहीं देखनी चाहिए। बल्कि लोगों की सहायता करनी चाहिए। बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष मामराज शर्मा ने कहा कि निजी बस ऑपरेटर को इस समय स्थानीय लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इसके लिए वह रविवार को किलोड़ के ग्रामीणों के साथ बैठक कर किलोड़ के रास्ते को खोलने का प्रयास किया जाएगा।
बिजली बोर्ड हुआ मुस्तैद
भूस्खलन के कारण शिलाई क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है लेकिन बिजली बोर्ड पहल से ही मुस्तैद हो गया है। 33केवी के फोर पाल स्ट्रक्चर को बदलने का कार्य बोर्ड ने शुरू कर दिया है। नया स्ट्रक्चर बनाकर बिजली लाइन को बदलने का कार्य चल रहा है। सहायक अभियंता अंकुर ने बताया कि एनएच विभाग ने विद्युत बोर्ड के साथ एमओयू साइन किया है जिसमें उन्होंने कार्य करने से पहले विद्युत बोर्ड की यूटिलिटी को हटाने को कहा है लेकिन एनएच ने कार्य नहीं किया।