जिला महाप्रबंधक उद्योग विभाग नाहन ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि रामपुरघाट संपर्क मार्ग की हालत काफी खराब है। इस औद्योगिक जोन को जोड़ने वाले मार्ग को फिलहाल उद्यमियों-क्रशर संचालकों के आपसी फौरी सहयोग से हालत को सुधाराने की योजना है। इसके लिए लोनिवि से एनओसी ली जा रही है। बाद में इस रोड़ को बेहतरीन बनवाने के लिए करीब 1.44 करोड़ का प्राक्कलन मंजूरी को भी भेज दिया गया है। महाप्रबंधक शुक्रवार को रामपुरघाट के नितिन दवा कंपनी परिसर में आयोजित उद्यमियों व क्रेशर संचालकों की बैठक में संबोधित कर रहे थे।
महाप्रबंधक ने कहा कि इस संपर्क मार्ग की हालत सुधारने में क्रशर संचालकों से क्रशर से रेत, पत्थर, बजरी व गटका साइट पर मुफ्त पहुंचाने का सहयोग मिलेगा। जबकि, इस क्षेत्र के उद्यमियों के माध्यम से रोलिंग व मजदूरों पर खर्च होने वाली राशि का सहयोग मिलेगा। यदि इस कार्य में 10 लाख तक खर्च होगा तो, इसी माह बोली आमंत्रित करके शीघ्र किसी सड़क निर्माण के अनुभवी पंजीकृत ठेकेदार को सोलिंग कार्य निष्पादन दिया जाएगा।
जिला महाप्रबंधक ने कहा कि एसआईडीसी के माध्यम से भी बरेजा इकाई से रामपुरघाट तक मार्ग को 74 लाख बजट प्रावधान करवाया जा रहा है। जबकि, रामपुरघाट मार्ग के लिए बेहतर संपर्क सड़क मार्ग बनवाने के लिए करीब 1.44 करोड़ का प्राक्कलन मंजूरी को भेजा जा रहा है लेकिन फिलहाल इस योजना को ठीक करने के प्रयास आपसी सहयोग से किया जा रहा है। बैठक में रामपुरघाट क्षेत्र के उद्यमियों व क्रशर संचालकों ने सहमति जताई है।
बैठक में इस क्षेत्र की सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइटों व सार्वजनिक शौचालय जैसी समस्याओं के समाधान को चर्चा हुई है जिसमें छोटे से 50 रुपये और बड़े वाहनों से 100 रुपये की पर्ची शुल्क शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसकी रसीद व बजट आईएडीए के माध्यम से करने पर भी गहनता से विचार मंथन किया जा रहा है।
इस मौके पर डॉ. आर शर्मा, गगन शर्मा, मनमीत सिंह, मदन शर्मा, दीपक मितल, अरुण ठाकुर, नरेंद्र कुमार, अनिल शर्मा, राजेश गुप्ता, जगजीत सिंह समेत क्षेत्र के उद्यमी व क्रशर संचालक मौजूद रहे।