पृथ्वी सिंह का पुराना खंडहरनुमा घर।
- फोटो : NAHAN
नाहन (सिरमौर)। सरकारी योजनाएं गरीबों के उत्थान के लिए बनाई गई हैं। फिर भी कई गरीब काफी जद्दोजहद के बावजूद हक से वंचित हो रहे हैं। समय पर योजनाओं का लाभ न मिलना गरीब के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए सरकारी तंत्र भी कहीं न कहीं जिम्मेदार है। ऐसे ही एक गरीब की चुनौतियां सामने आईं तो ‘अमर उजाला’ ने समस्या को प्रमुखता से रखा।
गुरबत की जिंदगी जी रहे काथला गांव के पृथ्वी सिंह के पास मकान नहीं था। उसका पूरा जीवन खंडहरनुमा झोंपड़ी में बीत गया। पृथ्वी सिंह ने कई बार पंचायत के माध्यम से आवास योजना के लिए दरख्वास्त डाली लेकिन मकान मिला न अन्य सुविधाएं। मामला सामने आया तो 28 जून 2021 को ‘अमर उजाला’ में ‘पत्नी-बेटे संग खंडहरनुमा घर में रहने के मजबूर पृथ्वी’ शीर्षक के नाम से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की।
अगले ही दिन तत्कालीन बीडीओ अनूप शर्मा एसईबीपीओ के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। भूमि सुधार के लिए पैसा स्वीकृत किया। उन्होंने इसकी रिपोर्ट उपायुक्त सिरमौर को सौंपी। इसके बाद गरीब को मिलने वाले हक की फाइल परवान चढ़ने लगी। विकास खंड नाहन की पंजाहल पंचायत के पृथ्वी सिंह का छह माह से कम समय के भीतर दो कमरों के मकान का लेंटर डल चुका है। एक रसोई और शौचालय भी बनकर लगभग तैयार है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकान के लिए पृथ्वी को अभी 65 हजार रुपये की पहली किश्त मिली है। लेंटर डलने के बाद अभी उनकी दो किश्तें बाकी हैं, जिसमें पलस्तर और अन्य कार्य किए जाएंगे।
इस पंचायत के सेवानिवृत्त शिक्षा खंड अधिकारी रामानंद ठाकुर गरीब की आवाज बनकर सामने आए। मकान का कार्य शुरू होते ही वार्ड सदस्यों समेत ग्रामीणों ने भी भवन निर्माण सामग्री की उपलब्धता को लेकर भरपूर मदद की। पंचायत प्रधान रेणु ने बताया कि पृथ्वी के मकान का लेंटर डल चुका है। जल्द ही उनका मकान बनकर तैयार हो जाएगा।
निर्माणाधीन मकान के साथ खड़े काथला गांव के पृथ्वी सिंह।- फोटो : NAHAN