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हिमाचल विधानसभा: विक्रमादित्य बोले- मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए बनेगी एक समान योजना

Thu, 19 Mar 2026 07:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी में तैनात मल्टी टास्क वर्कर्स का नियुक्ति समय में मानदेय 4500 रुपए प्रति माह था, जिसे वर्ष 2024 में 5000 और वर्ष 2025 में 5500 प्रति माह कर दिया गया।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऊना के भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रश्नकाल में पूछा कि लोक निर्माण विभाग में रखे गए मल्टी टास्क वर्कर्स का वेतन 5,500 प्रति माह और कार्य अवधि 4 घंटे है। उन्होंने पूछा कि क्या कारण है कि इन वर्कर्स से 8 से 10 घंटे कार्य लिया जा रहा है। क्या सरकार इनकी कार्य अवधि को देखते हुए इनके वेतन में वृद्धि करने का विचार रखती है। जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी में तैनात मल्टी टास्क वर्कर्स का नियुक्ति समय में मानदेय 4500 रुपए प्रति माह था, जिसे वर्ष 2024 में 5000 और वर्ष 2025 में 5500 प्रति माह कर दिया गया। जहां तक उनकी ड्यूटी की अवधि का प्रश्न है तो मल्टी टास्क वर्कर्स योजना 2022 के प्रावधान के अनुसार कोई भी कार्य अवधि निर्धारित नहीं है। मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए समरूप यानी एक समान योजना बनाने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। 

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जो निपटाने की बात कर रहे थे, अफसर अब उन्हें निपटा रहे : रणधीर
 राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सार्वजनिक जनसभा में कहा था कि मुख्यमंत्री जी... आपको डंडा उठाना पड़ेगा। अफसरों को रात के अंधेरे में निपटाना पड़ेगा, आज अफसर सरकार को निपटा रहे हैं। प्रदेश के मंत्री अधिकारियों पर सवाल उठा रहे हैं। मंत्री अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ला रहे हैं। ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ।

आरडीजी बंद करना हिमाचलियों से अन्याय : केवल पठानिया
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण प्रदेश के 70 लाख जनता की भावना है। आरडीजी में हिमाचल से अन्याय हुआ, कांग्रेस संविधान का मान सम्मान करती है। विपक्ष के नेता को देश का प्रतिनिधित्व का मौका भी कांग्रेस ने ही दिया। कांग्रेस सरकार ने ही कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित किया। तीन साल में 1500 करोड़ रुपये कांगड़ा में पर्यटन क्षेत्र में खर्च किए गए हैं। राजस्व अदालतों से रिकार्ड मामले निपटाए गए।

राज्यपाल गए, तो उनके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी : जमवाल
भाजपा विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि सरकार चिंतन मंथन करे कि क्यों राज्यपाल ने अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ा। आरडीजी बंद होने के लिए दोषी प्रदेश सरकार है, मुख्यमंत्री को अपने दायित्व से नहीं भागना चाहिए। राज्यपाल जब प्रदेश से गए तो सरकार के एक मंत्री ने उनके खिलाफ पत्रकार वार्ता कर दी। देश के प्रधानमंत्री और आडवाणी जी पर भी टिप्पणी की गई। यह प्रदेश जितना सत्ता पक्ष उतना विपक्ष का भी है।

आरडीजी का रोना छोड़े सरकार : हंसराज
भाजपा विधायक हंसराज ने कहा कि प्रदेश सरकार को आरडीजी का रोना छोड़ देना चाहिए। आरडीजी देश के आजाद होने के बाद भारत सरकार ने आर्थिक तरीके से कमजोर राज्यों के लिए शुरू किया था। प्रदेश सरकार को पहले ही अपनी आय बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए थे। आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के दावे किए जा रहे हैं लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज महज रेफरल अस्पताल बन कर रह गया है। चुराह सिविल अस्पताल में सिर्फ 4 डाक्टर हैं।

जिनके भवन गिरे, अब तक नहीं मिली राशि: लोकेंद्र
भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार ने कहा कि उनके इलाके में जिन लोगों के भवन गिरे उन्हें अब तक राहत राशि नहीं मिली है। सरकार दावा कर रही है कि दूध से अर्थव्यवस्था मजबूत करने का सरकार दावा करती है। मिल्कफेड जो कैंप लगा रहा है वहां पशुपालकों को बताया जा रहा है कि दूध उत्पादन कैसे बढ़ाए लेकिन लोगों को उनके द्वारा बेचे गए दूध का पैसा सरकार नहीं दे रही है। अब तक दुग्ध उत्पादकों को जनवरी और फरवरी का पैसा नहीं मिला है।
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जनजातीय क्षेत्रों में बिजली की किल्लत : जनक राज
भाजपा विधायक डॉ. जनकराज ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों की उपेक्षा कर रही है। उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली उत्पादन क्षेत्र होने के बावजूद लोग ट्रांसफॉर्मर के लिए परेशान हैं और हालात 1990 के दशक जैसे नजर आ रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति, डॉक्टरों और उपकरणों की कमी, तथा कर्मचारियों को समय पर भुगतान न मिलने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही लोक निर्माण विभाग में अव्यवस्था और एजेंट राज का भी आरोप लगाया। वहीं, कृषि मंत्री ने इन आरोपों को खारिज किया। विधायक विवेक शर्मा, विनोद सुलतानपुरी, हरदीप सिंह बाबा और रणजीत सिंह राणा सहित अन्य विधायकों ने भी चर्चा में भाग लिया।
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