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मक्की पर हरी सुंडी कीट का हमला, किसान परेशान

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पच्छाद क्षेत्र में हरी सुंडी के हमले से क्षतिग्रस्त हुई मक्की की फसल। - फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में मक्की की फसल पर हरी सुंडी कीट ने हमला बोल दिया है। कीट के हमले से मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान बैकफुट पर आ गए हैं। जल्द ही इस कीट पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो मक्की के उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। कई इलाकों में कीट के हमले से मक्की के पौधे के पत्ते पर छिद्र पड़ने से जालीदार हो गए हैं।
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सिरमौर में मक्की की फसल तैयार होने वाली है। जिले के राजगढ़, नौहराधार, हरिपुरधार, पच्छाद, शिलाई क्षेत्रों में मक्की की सबसे अधिक पैदावार होती है। इन क्षेत्रों में करीब 24000 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की खेती की जाती है।
इस साल मक्की के पौधे में अब मक्की लगनी शुरू हो गई है लेकिन इस बीच हरी सुंडी कीट के हमले ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी है। हरी सुंडी मक्की को बर्बाद कर रहा है। जिलेभर में मक्की की फसल इसकी चपेट में आ रही है। पच्छाद क्षेत्र में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। हालांकि, कुछ किसानों ने दवाइयों को छिड़काव भी कर लिया है लेकिन अब पौधा बड़ा होने से इसका भी असर नहीं हो रहा। पत्ते जालीदार हो गए हैं। धीरे-धीरे पूरा पौधा खराब होने लगा है।
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किसानों का कहना है कि इससे इस बार मक्की की फसल कम होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि इस अज्ञात बीमारी ने उनकी पूरी की पूरी फसल बरबाद कर दी है। कुछ किसानों का कहना है कि इस पर कीटनाशक का भी छिड़काव किया है परंतु इस पर हल्के कीटनाशक का कोई असर नहीं हो रहा है। कृषि विभाग से लिए हाईब्रीड बीज के अलावा स्थानीय बीज पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
किसान सुनील तोमर, रोहित, भागमल ने कहा कि कीट के हमले से खेतों में तैयार फसल को भारी क्षति पहुंच रही है। एसएमएस कृषि विभाग सराहां डॉ. वीरेंद्र अत्रि ने बताया कि विभाग की ओर से पहले ही किसानों को स्प्रे करने की सलाह दी गई थी। उन्होंने बताया कि मक्की में फाल आर्मी वर्म ( हरी सुंडी) के हमले से फसल यह खराब हो रही है। इस पर जब पौधा छोटा होता है तभी छिड़काव करना चाहिए। अब फसल बड़ी हो चुकी है, जिस पर इसे तेज कीटनाशक के छिड़काव से ही मारा जा सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि अब इस पर क्लोरोइंट्रा प्रोनील साल्ट वाले कीटनाशक का छिड़काव करें।
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