पैसा दिए जाने के बाद भी छह साल में नगर परिषद नहीं लगा पाई डंगा
बीपीएल परिवार की मांग पर डीसी ने दिए थे 1.21 लाख
नाहन (सिरमौर)। बजट के अभाव में विकास कार्य सालों तक लटकने के किस्से अकसर सुनने को मिलते हैं लेकिन बजट होने के बाद भी विकास कार्य अधर में लटका रहे, ऐसा कम ही होता है। ऐसा ही एक मामला नाहन के कांशीवाला में बीपीएल परिवार से जुड़ा है।
मीना प्रवीण मकान के साथ डंगा लगाने के लिए छह साल से नगर परिषद कार्यालय नाहन के चक्कर काट रही हैं। उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। डंगा न लगने के कारण उसके मकान की छत्त पर बारिश में भूस्खलन से मिट्टी और पत्थर आ रहे हैं। इस कारण मकान की छत्त टपकने लगी है। छत्त गिर न जाए, इस डर से महिला ने लकड़ी के डंडों से सहारा दिया है। मकान की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
हैरत की बात है कि मीना प्रवीण के घर के साथ डंगा लगाने के लिए डीसी कार्यालय से 2017 में 1.21 लाख की राशि भी नगर परिषद को दे दी गई है। इसके बावजूद नगर परिषद एक पत्थर भी नहीं लगा पाई है। इस बारे में पीड़ित परिवार 2010 से 2024 तक नगर परिषद को 27 पत्र दे चुका है।
कांशीवाला निवासी महिला मीना प्रवीण ने बताया कि प्रशासन ने भूमिहीन होने के नाते उसे कांशीवाला में 32 मीटर जमीन दी थी। मकान बनाने के लिए कहीं से कोई सहायता नहीं मिली। उसे किसी तरह कर्ज लेकर एक कमरा और एक स्टोर बनाया।
सड़क के साथ की ढांक से बारिश में भूस्खलन से उसकी मिट्टी और पत्थर उसकी छत्त पर आ रही है। इससे उसके मकान की छत्त टपक रही है, पूरे मकान में सीलन आ चुकी है।
महिला ने बताया कि वह 2010 से डंगा लगाने के लिए डीसी और नप कार्यालय के चक्कर काट रही है। 2017 में डीसी कार्यालय से डंगा लगाने को 1.21 लाख मंजूर किए थे। यह राशि नगर परिषद को भी उसी समय दे दी गई थी। आज छह साल बाद भी यहां डंगा नहीं लगा है। महिला ने बताया कि यदि उसके मकान को नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी नगर परिषद की होगी।
विवाद सुलझ गया तो लगाया जाएगा डंगा
नगर परिषद अध्यक्ष श्यामा पुंडीर ने कहा कि मीना प्रवीण और उसके पड़ोसी के बीच विवाद है। यदि वह सुलझ गया है तो डंगा लगा दिया जाएगा। संवाद