तमिलनाडू के तंजावुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते आसरा संस्था के कलाकार।
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राजगढ़ (सिरमौर)। इन दिनों सिरमौर के हाटी क्षेत्र के लोक कलाकार तमिलनाडु के तंजावुर में आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय राष्ट्रीय लोक एवं जनजातीय नृत्य महोत्सव में जिला सिरमौर के पारंपरिक लोकगीतों व लोक नृत्यों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
राष्ट्रीय लोक एवं जनजातीय नृत्य महोत्सव का आयोजन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के दक्षिण क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र की ओर से किया जा रहा है। यहां आसरा संस्था के कलाकारों ने हाटी क्षेत्र का ठोडा नृत्य, देव आराधना, रिहाल्टी गी, मुंजरा, परात नृत्य और स्वांगटी गी आदि लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया गया।
तमिलनाडु के तंजावुर में बने विशाल मंच पर 18 मार्च को हिमाचल की सिरमौरी नाटी के अलावा दूसरे प्रदेशों के लोक कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुति दी। जबकि 19 मार्च को तमिलनाडु के प्रसिद्ध शहर कुम्बाकोनाम के बानी बिलास सभागार में हुए सांस्कृतिक आयोजन में आसरा संस्था के कलाकारों ने सिरमौरी नाटी की कई लोक विधाओं का प्रदर्शन किया।
आसरा के लोक कलाकारों में लोक नर्तक जोगेंद्र, चमन, अमी चंद, अनिल, सरोज, भानुप्रिया, शिवानी और अनु की नृत्य अदाओं ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। लोक गायक रामलाल व गोपाल हाब्बी और महिला गायक लक्ष्मी व सुनपति की लोक गायकी और मधुर स्वरों ने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। संदीप व रमेश की ढोलक की थाप और मुकेश की करनाल व रणसिंगा की धुन व बांसुरी पर कृष्ण लाल की स्वर लहरियों ने पंडाल में बैठे दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।